मध्य प्रदेश की मोहन सरकार 3 नवंबर को बाजार से 4000 करोड़ रुपए का कर्ज लेगी। जानिए चालू वित्त वर्ष में राज्य की कुल उधारी, जीएसडीपी अनुपात, विकास परियोजनाओं पर खर्च और वित्तीय स्थिति से जुड़े सभी आंकड़े।

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार एक बार फिर बाजार से बड़ा कर्ज लेने जा रही है। आगामी 3 नवंबर को राज्य सरकार बाजार से 4,000 करोड़ रुपए का कर्ज उठाएगी। यह राशि तीन अलग-अलग किस्तों में ली जाएगी, जिसमें 1,000 करोड़, 1,000 करोड़ और 2,000 करोड़ रुपए के तीन चरण शामिल हैं। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष में सरकार की कुल बाजार उधारी बढ़कर 48,900 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी। सरकार का यह वित्तीय कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है जब राज्य के वित्तीय प्रबंधन, बजट अनुमान और विकास कार्यों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।
वित्त विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की कुल वार्षिक उधारी सीमा लगभग 87 हजार करोड़ रुपए तय की गई है। इसमें से पहले नौ महीनों के लिए 58,274 करोड़ रुपए की बाजार ऋण सीमा स्वीकृत की गई है। सरकार का स्पष्ट तर्क है कि बाजार से जुटाए जाने वाले इन फंड्स का उपयोग पूरी तरह से अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) विकास के लिए किया जाता है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिल सके।
सिंचाई और बिजली का विस्तार: कर्ज की राशि का बड़ा हिस्सा प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं और विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने में लगाया जा रहा है।
सड़क और परिवहन नेटवर्क: राज्यभर में नई सड़कों, पुलों और एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्यों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
आर्थिक विकास और रोजगार: इन स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण से कृषि और औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि होती है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं और जीएसडीपी (GSDP) बढ़ती है।
राज्य सरकार का दावा है कि वह राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम (FRBM) के नियमों का पूरी तरह पालन कर रही है। बजट अनुमान 2026-27 के अनुसार, राज्य का ऋण-जीएसडीपी अनुपात 32.53% रहने का अनुमान है।
इसके अलावा, ब्याज भुगतान और कुल राजस्व प्राप्तियों का अनुपात करीब 10 से 11% है, जो वित्त आयोग और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा निर्धारित 15% की सुरक्षित सीमा के भीतर है। सरकार ने इसी आधार पर अपनी वित्तीय स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में और संतोषजनक बताया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाजार से लिए जाने वाले ऋण का उपयोग प्रशासनिक खर्चों या कल्याणकारी योजनाओं के लिए नहीं किया जाता है।
कल्याणकारी योजनाओं से दूरी:
वेतन, भत्ते, पेंशन, अनुदान के साथ-साथ मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना जैसी लोकप्रिय वित्तीय सहायता योजनाओं का भुगतान इन ऋणों से नहीं किया जाता है।
पूंजीगत परिव्यय में वृद्धि:
वित्त वर्ष 2026-27 में राज्य का कुल पूंजीगत परिव्यय 1 लाख करोड़ रुपए के पार रहने का अनुमान है। सरकार का यह भी दावा है कि पिछले 10 वर्षों में प्रदेश की जीएसडीपी में लगातार 10% से अधिक की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है।
वित्तीय अनुशासन का दावा करते हुए सरकार ने बताया है कि उसने हमेशा अपने वित्तीय दायित्वों का निर्वहन समय पर किया है और कभी डिफॉल्ट नहीं किया है:
ब्याज और मूलधन का भुगतान: पिछले वित्तीय वर्ष में सरकार ने कुल 29,980 करोड़ रुपए का ऋण पुनर्भुगतान किया था। वहीं, चालू वित्त वर्ष में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक ब्याज के रूप में 14,073 करोड़ रुपए चुकाए जा चुके हैं।
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार 3 नवंबर को बाजार से 4000 करोड़ रुपए का कर्ज लेगी। जानिए चालू वित्त वर्ष में राज्य की कुल उधारी, जीएसडीपी अनुपात, विकास परियोजनाओं पर खर्च और वित्तीय स्थिति से जुड़े सभी आंकड़े।
मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भोपाल में नामांकन दाखिल किया। जानिए चुनाव कार्यक्रम, विधानसभा के समीकरण और सीएम मोहन यादव का बयान।
रीवा के भाटी गांव में जून से खराब कृषि ट्रांसफार्मर नहीं बदले गए। बिल जमा होने के बावजूद बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने से रबी की बोनी और सिंचाई प्रभावित है। किसान ने धरने की चेतावनी दी।
रीवा के गोविंदगढ़ में जनविश्वास अभियान के तहत जिला पंचायत सीईओ सृष्टि देशमुख ने अस्पताल, पीएमश्री स्कूल और आंगनवाड़ी का निरीक्षण किया। गर्भवती महिलाओं की जांच, विद्यार्थियों की उपस्थिति और बच्चों के पोषण पर निर्देश दिए।
रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एनएबीएच सर्टिफिकेट रिन्युअल के निरीक्षण में कई कमियां सामने आईं। जांच से पहले एसजीएमएच से स्टाफ, एम्बुलेंस और उपकरण जुटाने के आरोप हैं। सोनोग्राफी लाइसेंस भी एक्सपायर्ड मिले।
सीधी के अमरपुर बेहड़ा मोड़ पर यात्री बस और ऑल्टो कार की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई। पांच वर्षीय बच्ची गंभीर घायल हुई। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस में सफर कर रही गर्भवती महिला को सतना स्टेशन पर चिकित्सा सहायता दी गई। जिला अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस में बच्ची का जन्म हुआ। रेलवे स्टाफ की तत्परता से मां-बेटी दोनों स्वस्थ हैं।
सतना नगर निगम में आरटीआई से मस्टरकर्मियों की तैनाती को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। सफाईकर्मी दूसरी शाखाओं और कार्यालयों में काम कर रहे हैं। वेतन पर सालाना 17.58 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
मैहर के लटागांव में पुरानी रंजिश के चलते धनीराम कोल की पत्थर से हत्या करने वाले सुशील कुमार को अदालत ने दोषी ठहराया। प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड सुनाया।
सतना के परसमनिया में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत प्रशासन ने जनसुनवाई की। उचेहरा की 3905 लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों में से 3150 का निराकरण किया गया, जबकि 755 शिकायतें अब भी लंबित हैं।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह