संभागायुक्त बीएस जामोद ने रीवा संभाग में "मंगलवार साइकिल डे" की शुरुआत की है, जिसके तहत अधिकारी-कर्मचारी सप्ताह में एक दिन साइकिल से दफ्तर आएंगे। इस पहल का उद्देश्य है ईंधन की बचत, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर स्वास्थ्य। जानिए कैसे यह नवाचार भविष्य की जीवनशैली को प्रभावित करेगा।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
जिले के अधिकारी - कर्मचारी सप्ताह में एक दिन साइकिल की सवारी करेंगे। संभागीय कमिश्नर बीएस जामोद ने रीवा संभाग के सभी कलेक्टर और विभाग प्रमुखों को पत्र लिखकर मंगलवार साइकिल डे प्रारम्भ करने को कहा है। सप्ताह में एक दिन साइकिल के उपयोग की बात कहते हुए कमिश्नर श्री जामोद ने कहा है कि वर्तमान में हम सभी वैश्विक और स्थानीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, इनमें ईंधन की बढती कीमतें, पर्यावरण प्रदूषण का स्तर और नागरिकों के स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं गंभीर विषय बन चुके हैं, ये मुद्दे न केवल हमारी अर्थव्यवस्था पर दबाव डालते हैं, बल्कि हमारे जीवन की गुणवत्ता और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ वातावरण उपलब्धता को प्रभावित करते हैं। इन विषयों पर चिंतन करना और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। संभागायुक्त ने अपने पत्र में संभाग के सभी जिला मुख्यालय के अधिकारियों - कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से सप्ताह में एक दिन प्रत्येक मंगलवार को थसडे -बाइसिकिल डे के पहल के तहत अपने कार्यालय आने के लिए साइकिल का उपयोग करें।
ये अपील
इसलिए पड़ी जरूरत


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सतना जनसुनवाई में जिला अस्पताल के एमएलसी और भर्ती दस्तावेज न्यायालय भेजने की मांग उठी। कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। भूमि, बिजली, पानी, पेंशन और योजनाओं से जुड़ी शिकायतें भी आईं।
सांसद गणेश सिंह ने सतना मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण कर 650 बिस्तरीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल निर्माण की प्रगति देखी। उन्होंने गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। एमबीबीएस सीटें बढ़कर 300 हो गई हैं।
पन्ना नाका स्थित पूजा हॉस्पिटल के पास सरकारी जमीन पर नया ट्रांसफार्मर लगाने के दौरान वाशिंग सेंटर संचालक ने विरोध किया। प्रशासन ने दस्तावेज जांचकर समझौता कराया और बिजली व्यवस्था बहाल करने काम शुरू कराया।
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि लगातार शिकायतों और विभागीय कार्रवाई के बावजूद संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसी के चलते अधिवक्ता अरुणा शर्मा ने न्यायालय की शरण ली है।
राजधानी में मंत्रालय सहित विंध्याचल और सतपुड़ा भवनों से लेकर जिला स्तर के कार्यालयों तक बायोमैट्रिक अटैंडेंस की व्यवस्था प्रारंभ की जाए। अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचें और समय पर कार्यों को पूर्ण करें, इस पर वरिष्ठ अधिकारी नजर रखेंगे।
त्योहारी सीजन से पहले मध्यप्रदेश में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई। भोपाल, इंदौर समेत 8 जिलों में घी और मिठाइयों के सैंपल अमानक पाए गए हैं। नागपुर से आया मिल्क केक और गुजरात की डेयरी का घी भी जांच में फेल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि मध्यप्रदेश में शासकीय कर्मचारियों की पदोन्नति की प्रक्रिया अब निरंतर जारी रहेगी। डीपीसी और कर्मचारी हितों से जुड़ी सभी खास बातें पढ़ें विस्तार से।
भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों और सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ व्यापारियों का विरोध जारी। बुधवार को मिंटो हॉल में गांधी प्रतिमा के सामने होगी प्रार्थना सभा।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के बुनियादी ढांचे, प्रशासनिक व्यवस्था और किसान कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम के आयोजनों में फैली अव्यवस्थाएं अब श्रद्धालुओं की जिंदगी पर भारी पड़ने लगी हैं। मंगलवार सुबह सीवन नदी तट से 11 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा शुरू तो हुई, लेकिन प्रशासन और आयोजकों की बदइंतजमी ने एक बार फिर आपातकालीन सेवाओं का दम घोंट दिया।