सांसद गणेश सिंह ने सतना मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण कर 650 बिस्तरीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल निर्माण की प्रगति देखी। उन्होंने गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। एमबीबीएस सीटें बढ़कर 300 हो गई हैं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
बुधवार को सांसद गणेश सिंह ने मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन 650 बिस्तरीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण कार्यों का जायजा लिया और संविदाकार को तलब कर निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। सांसद ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। सांसद गणेश सिंह ने निर्माणाधीन अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से कार्य की वर्तमान स्थिति, निर्माण की गति और निर्धारित समय-सीमा की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा और महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थान भविष्य में विंध्य क्षेत्र के लिए बड़ी स्वास्थ्य सुविधा साबित होगा इसलिए निर्माण कार्य में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
एमबीबीएस की 300 सीटें, प्रवेश प्रक्रिया शुरू
सतना मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 150 सीटों की वृद्धि के बाद अब एमबीबीएस की कुल 300 सीटें हो गई हैं और प्रवेश प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के चौथे वर्ष की पढ़ाई भी शुरू हो गई है। वर्तमान में लगभग 650 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। सांसद ने कहा कि प्रदेश में एमबीबीएस की 150 सीटों से बढ़ाकर कुल 300 सीटें किए जाने से सतना को बड़ी उपलब्धि मिली है। हाल ही में बढ़ाई गई 800 एमबीबीएस सीटों में सतना को सर्वाधिक 150 सीटों की वृद्धि मिली है, जबकि अन्य मेडिकल कॉलेजों को 50 से 100 सीटों तक की वृद्धि मिली है।
चार खंडों में बन रहा 650 बिस्तरीय अस्पताल
निर्माणाधीन सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चार खंडों में तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक खंड में भूतल सहित सात मंजिलों का निर्माण प्रस्तावित है। इनमें से ए खंड का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि अन्य खंडों में निर्माण कार्य जारी है। अधिकारियों के अनुसार पूरे अस्पताल का निर्माण नवंबर 2027 तक पूरा होने की संभावना है। इसके बाद जनवरी 2028 में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का पूर्ण रूप से संचालन प्रारंभ होने की संभावना है।
शहर की भीड़ से बचाएगा वैकल्पिक मार्ग
सांसद गणेश सिंह ने मेडिकल कॉलेज तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाने की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि बायपास से बिरहुली-सकरिया नहर के किनारे से मेडिकल कॉलेज तक वैकल्पिक मार्ग विकसित कराया जाएगा। इससे मेडिकल कॉलेज आने-जाने वाले मरीजों, विद्यार्थियों और उनके परिजनों को शहर की भीड़ से राहत मिलेगी तथा आवागमन भी सुगम होगा।


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