रीवा के सोहागी क्षेत्र में भारी बारिश से बाढ़ ने तबाही मचाई। मझिगवां के ककरहा टोला में करीब 40 कच्चे मकान ढह गए। ग्रामीणों ने नुकसान, राहत की कमी और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का आरोप लगाया।

हाइलाइट्स:
सोहागी, स्टार समाचार वेब
असामान्य बारिश से रीवा जिले के कई गांव डूब में आए। नदियों का जलस्तर अचानक खतरे के निशान को पार कर गया। बारिश से हर तरफ तबाही का मंजर बना। कई दिनों तक लोग जिंदगी की जद्दोजहद में लगे रहे। तराई में भी इसका असर दिखा। दर्जनों गांव में अब बाढ़ त्रासदी के निशान गहरे होते जा रहे हैं। जिंदगी बचाने के लिए ग्रामीण फिर जुट गए हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों का आरोप है कि भाजपा विधायक उनके गांव झांकने तक नहीं पहुंचे, जबकि मदद करने के लिए पूर्व विधायक सहित वरिष्ठ नेता व स्वयंसेवी संस्थाएं सक्रिय रहीं।
तराई अंचल में इस बार भी जलभराव के हालात दिखे। बाढ़ ने अपना रौद्र रूप पिछली बार की तरह इस बार भी दिखाया। ग्राम पंचायत मझिगवां के ककरहा टोला तुलसीपुर्वा में हुई भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। बारिश व जल भराव के कारण फसलों, मकानों, दुकानों व गृहस्थी के सामान को भारी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ प्रभावित की स्थिति जानने जब स्थानीय प्रतिनिधि करुणा शंकर चतुर्वेदी ग्राम पंचायत मझिगवां के ककरहा टोले पहुंचे तो पीड़ितों ने बताया कि बारिश की वजह से लगभग 40 कच्चे मकान धराशायी होने की वजह करीब दस लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। साथ ही कुछ लोगों की बकरियां भी बह गई है। लोगों के उनके सामने आश्रय व रोजी रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। घर गिर जाने से अनाज, कपड़े, बच्चों की किताबों सहित अन्य सामग्री पानी में भीगने से बेकार हो गई। प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
आदिवासी बस्ती में भी दिखा कहर
बाढ़ प्रभावितों में लवकुश आदिवासी, राजलाल आदिवासी, रमेश आदिवासी, दिलीप आदिवासी, राकेश केवट, सुशील आदिवासी, सुरेश हरिजन, भागीरथी आदिवासी,राजेन्द्र प्रसाद साकेत,महेश प्रसाद साकेत, गोविंद आदिवासी सहित अन्य लोग शामिल हैं। साथ ही ध्यानसेन चौधरी का कच्चे मकान के साथ किराना की दुकान भी पूरी तरह से नष्ट हो गई है। पीड़ित लायची देवी ने कहा कि अत्यधिक बारिश की वजह से मकान के साथ हमारी पांच नग बकरी भी मर गई है। बाढ़ के संबंध में लायची देवी ने बताया कि बारिश के दौरान रात करीब दो बजे बाढ़ का पानी हमारे घर में घुस गया था। माधु कोल निवासी ककरहा टोला ने बताया कि हमारा घर गिरने से सात बोरा गेहूं सहित करीब 50 हजार रुपए का नुकसान हुआ।
दर्जनों परिवार भूखे मरने की कगार पर
आर्थिक क्षति को लेकर मधु कोल ने बताया कि शासन प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई भी सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई है। हम लोग समाचार पत्र के माध्यम से शासन प्रशासन से उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग करते हैं। यहां तक त्योंथर विधायक सिद्धार्थ तिवारी के पास बाढ़ पीड़ितों से मिलने तक का समय नहीं है जिससे लोगों में काफी आक्रोश व्याप्त है। अब तक पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी, वरिष्ठ नेता देवेन्द्र सिंह सहित अन्य लोगों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। वरिष्ठ भाजपा नेता कौशलेश तिवारी उर्फ तिवारी लाल द्वारा बाढ़ प्रभावित लोगों को आश्रय हेतु 40 बंडल पन्नी के साथ भोजन व्यवस्था के लिए आटा, रिफाइन, आलू, गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया गया था। इसके अलावा सोहागी व त्यौंथर की संस्थाओं द्वारा पीड़ित परिवारों को भोजन व सुबह का नाश्ता उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा एयरपोर्ट पर बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सर्वे और विद्युत आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए।
रीवा के उपरहटी मोहल्ले में प्राचीन शिवलिंग ‘पड़ोसी बाबा’ के नाम से पूजित है। मान्यता है कि यह हजार वर्ष पुराना है। टेढ़ी जलहरी, भस्म आरती और रंगपंचमी का आयोजन इसकी विशेष पहचान है।
रीवा के सोहागी क्षेत्र में भारी बारिश से बाढ़ ने तबाही मचाई। मझिगवां के ककरहा टोला में करीब 40 कच्चे मकान ढह गए। ग्रामीणों ने नुकसान, राहत की कमी और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का आरोप लगाया।
रीवा के शान-ए-विंध्य सम्मान समारोह में डॉली चायवाला, सुनील पाल और अभय शर्मा ने दर्शकों का मनोरंजन किया। प्रतिभाओं का सम्मान हुआ, संगीत ने समां बांधा और बाढ़ प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी गई।
रीवा में जनवरी से जुलाई के बीच 250 से अधिक साइबर ठगी के मामले पुलिस तक पहुंचे। जालसाजों ने करीब एक करोड़ रुपए ठगे। वर्क फ्रॉम होम, फर्जी क्रेडिट मैसेज और एपीके फाइल प्रमुख माध्यम बने।
सीधी के शिकारगंज-भंवरसेन मार्ग पर लगातार बारिश से सड़क किनारे मिट्टी का कटाव बढ़ गया है। कई जगह आधार कमजोर हो चुका है। भारी वाहनों की आवाजाही के बीच हादसे की आशंका बढ़ी, सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं।
पन्ना के मोहन्द्रा वन परिक्षेत्र में औषधीय महत्व वाला केवकंद पौधा मिला है। विशेषज्ञ ने इसकी पहचान की। प्राकृतिक जंगलों में इसकी मौजूदगी क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और वनौषधीय संपदा को दर्शाती है।
सतना में ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने मेडिकल नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। दो युवकों से 39 और सप्लायर से 22 शीशी कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद हुई।
जसो थाना पुलिस ने अर्जुनखोह जंगल में युवक की हत्या का तीन महीने बाद खुलासा किया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में बदनामी और कथित अवैध संबंधों के विवाद में हत्या सामने आई।
चित्रकूट में बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर घटने लगा है। बाबूपुर में जलभराव की समस्या दूर की गई। प्रशासन ने पुल-रपटों से दूरी, जलभराव में सेल्फी रोकने और सुरक्षित रहने की अपील की।

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