रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एसी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से 13 करोड़ की एमआरआई मशीन आठ दिनों से बंद है। जांच ठप होने से मरीजों को निजी केंद्रों में महंगी जांच करानी पड़ रही है।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एसी की पाइप ने 13 करोड़ की मशीन को ठप कर दिया है। एक पाइप लाइन 8 दिनों से नहीं लग पाई। जांच बंद है। डीन को आदेश जारी कर सभी विभागों को यह कहना पड़ा कि सभी मरीजों को जांच के लिए आरएचडी भेजा जाए। जांच बंद होने से मरीजों की फिर फजीहत शुरू हो गई। महंगी जांच की मार झेलनी पड़ रही।
आपको बता दें कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 13 करोड़ की एमआरआई मशीन लगी। इस मशीन के इंस्टालेशन के बाद शुभारंभ डिप्टी सीएम से कराया गया। विंध्य की सबसे हाईटेक मशीन सुपर स्पेशलिटी में लगी। उम्मीद थी कि मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। सस्ती जांच का फायदा मिलेगा। हालांकि ऐसा नहीं हो पाया। जब से मशीन इंस्टाल हुई तब से अब तक निर्वाध रूप से एमआरआई चल ही नहीं पाई। कोई न कोई तकनीकी गड़बड़ी मशीन को प्रभावित ही कर देती है। इसके पहले एसी में तकनीकी गड़बड़ी के कारण एमआरआई दो बार बंद हुई थी। कई दिनों तक मरीजों को बाहर जांच कराना पड़ा। अब जब सब कुछ ठीक हुआ तो चोरों ने एसी की पाइप लाइन बाहर से डैमेज कर दी। अब 8 दिनों से मशीन बंद है।
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संचालन पर लाखों हो रहा खर्च, फायदा कुछ नहीं
एमआरआई मशीन के संचालन पर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रबंधन लाखों रुपए खर्च कर रही है। बिजली से लेकर टेक्नीशियन तक का खर्च उठा रही है। लाखों खर्च करने के बाद भी मरीजों को फायदा नहीं मिल रहा है। पिछले 8 दिनों से सिर्फ एक पाइप लाइन के कारण जांच रुकी है। उसे तुरंत सुधारवाने में प्रबंधन फेल हो गया है। एमआरआई बंद होने से सब की चांदी हो गई। कर्मचारियों को काम नहीं करना पड़ रहा और मरीज प्राइवेट में जा रहे हैं। उसका कमीशन अलग मिल रहा।
10 साल पुरानी मशीन चल रही, नई मशीन ठप
हद तो यह है कि संजय गांधी अस्पताल परिसर में रीवा हेल्थ डायग्नोस्टिक सेंटर भी स्थापित है। इसे अस्पताल में मशीन इंस्टाल किए 10 साल से भी अधिक का समय हो चुका है। अनुबंध के हिसाब से जब तक अस्पताल में एमआरआई और सीटी स्केन की सेवाएं नहीं शुरू हो जाती। तब तक के लिए ही उसे अनुमति दी गई थी। अब सारी मशीनें चालू हो गई, फिर भी आरएचडी जमी हुई है। उसे हटाया नहीं जा रहा। इसके कारण ही सरकारी मशीन का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा।
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निशाने पर एसी, चोर ने एमआरआई को ही क्यों बनाया निशाना
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, संजय गांधी अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की भरमार है। करोड़ों रुपए सुरक्षाकर्मियों पर खर्च किया जाता है। इसके बाद भी चोर परिसर के अंदर घुस कर एसी की पाइप लाइन काट डाले। हद तो यह है कि सिर्फ एमआरआई की ही एसी को निशाना बनाया गया। और भी कक्षों की एसी लगी थी। उन्हें चोर ने छुआ तक नहीं। एमआरआई की एसी को प्रभावित किया जाना भी कई तरह के शक को जन्म दे रहा है। एमआरआई मशीन की एसी कमजोरी है। एसी खराब हुई तो मशीन भी बंद हो जाएगी। यही वजह है कि एसी को ही बार बार प्रभावित किया जा रहा है।
डीन के आदेश ने सीटी भी ठप करा दी
पहले एक आदेश जारी किया गया था। इस आदेश में सभी विभागों को पत्र जारी कर मरीजों को प्राइवेट सेंटरों में मरीज को नहीं भेजने का आदेश दिया गया था। अब एक आदेश फिर डीन ने जारी किया। इसमें सीटी एमआरआई के मरीजों को रीवा हेल्थ डायग्नोस्टिक सेंटर भेजने के लिए कहा गया है। इस आदेश से एमआरआई के मरीजों के साथ ही सीटी स्केन के मरीज भी आरएचडी भेजे जाने लगे। एसजीएमएच में मरीज ही आना बंद हो गए। बाद में आपत्ति दर्ज की गई तब मरीज वापस लौटे।
सोमवार तक एमआरआई चालू हो जाएगी। चोर ने एसी की पाइप लाइन काट दी थी। पुलिस को पकड़ कर सौंप दिया गया है। कंपनी ही पाइप लाइन सुधारेगी। जब तक मशीन नहीं सुधरती तब तक मरीजों को आरएचडी भेजने का आदेश हुआ है।
डॉ अक्षय श्रीवास्तव, अधीक्षक, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, रीवा

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