सतना जिला अस्पताल में वार्ड ब्वाय की अनुपलब्धता, स्ट्रेचर की समस्या और टीबी वार्ड की एक्स-रे मशीन खराब होने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। करोड़ों खर्च के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल की बर्न यूनिट में खराब एसी मरीजों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। डिप्टी सीएम के निर्देशों के बावजूद व्यवस्था नहीं सुधरी, जिससे झुलसे मरीज और उनके परिजन परेशान हैं।
रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और निजी प्रैक्टिस को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मरीजों को ओपीडी, बेड और जांच सुविधाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एसी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से 13 करोड़ की एमआरआई मशीन आठ दिनों से बंद है। जांच ठप होने से मरीजों को निजी केंद्रों में महंगी जांच करानी पड़ रही है।
रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 13 करोड़ रुपये की हाईटेक एमआरआई मशीन एक महीने में दूसरी बार खराब हो गई। रूम टेम्परेचर की समस्या के कारण दो दिनों से जांच बंद है, जिससे गरीब मरीज निजी सेंटरों में महंगी जांच कराने को मजबूर हैं।
सतना जिला अस्पताल में अजीब व्यवस्था सामने आई है, जहां पुरुष सर्जिकल वार्ड का शौचालय बंद कर मरीजों को महिला सर्जिकल वार्ड का वॉशरूम उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण कार्य के नाम पर लिए गए इस फैसले से गंभीर मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल सतना में रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण पिछले 9 दिनों से सामान्य सोनोग्राफी सेवा बंद है, जिससे दूर-दराज़ से आए मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर जाने से अस्पताल में जांच का संकट गहरा गया है और मरीज महंगे निजी क्लीनिकों में जांच करवाने को विवश हैं। अस्पताल में 4 पद रिक्त होने और मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद विशेषज्ञों की कमी मरीजों के इलाज में बड़ी बाधा बनी हुई है।
सतना जिला अस्पताल में मरीजों की स्थिति बदहाल है। टूटी व्हीलचेयर, बिना टायर के स्ट्रेचर और अव्यवस्थित प्रबंधन के कारण मरीजों और परिजनों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। 16 व्हीलचेयर और 24 स्ट्रेचर के दावों के बावजूद अस्पताल में ठीक हालत का एक भी साधन उपलब्ध नहीं मिला। मरम्मत के नाम पर पुराने उपकरण वेल्डिंग होते नजर आए।
सतना जिले के कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिजिटल एक्सरे मशीन दो साल से निष्क्रिय है। ट्रांसफार्मर न लगने से मरीजों को एक्सरे के लिए सतना शहर जाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने चंदा जुटाकर मदद की पेशकश की, बावजूद इसके अफसरों की लापरवाही के कारण काम अब तक अधर में है। स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग के बीच जिम्मेदारी टालने का खेल जारी है, जबकि मरीज लगातार परेशान हैं।
सतना जिला अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन 9 सितंबर से बंद पड़ी है। प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज जांच न होने से लौट रहे हैं और कई को निजी संस्थानों में दोगुनी कीमत चुकानी पड़ रही है। अनुबंधित संस्था सिद्धार्थ सीटी स्कैन एंड एमआरआई सेंटर की लापरवाही पर जुर्माने की तैयारी की जा रही है।






















