सतना जिला अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन 9 सितंबर से बंद पड़ी है। प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज जांच न होने से लौट रहे हैं और कई को निजी संस्थानों में दोगुनी कीमत चुकानी पड़ रही है। अनुबंधित संस्था सिद्धार्थ सीटी स्कैन एंड एमआरआई सेंटर की लापरवाही पर जुर्माने की तैयारी की जा रही है।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
जिला अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन एक सप्ताह से बंद पड़ी है,14 सितंबर को भोपाल से आए इंजीनियर द्वारा मदर बोर्ड का पार्ट लगाया भी गया लेकिन मशीन स्टार्ट नहीं हुई। सीटी स्कैन मशीन बंद होने से रोजाना 50 से ज्यादा मरीज बगैर सीटी स्कैन कराए लौट रहे हैं। इसके अलावा कई मरीज दोगुने दामों में निजी संस्थान जाने को भी मजबूर हो रहे हैं। मरीजों की इस विपदा को देखते हुए जिला अस्पताल में स्थापित आउट सोर्स संस्था सिद्धार्थ सीटी स्कैन एन्ड एमआरआई सेंटर पर जुर्माना लगाने की तैयारी चल रही है, इसके लिए जिला अस्पताल प्रबंधन पत्र लिखने जा रहा है। बताया गया कि सीटी स्कैन मशीन के मदर बोर्ड का पार्ट नहीं उपलब्ध होने के कारण मशीन बिगत 9 सितंबर से बंद पड़ी है।
प्रतिदिन 50 मरीजों का होता है स्कैन
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में प्रतिदिन 50 से ज्यादा मरीजों का सीटी स्केन किया जाता है। मशीन की खराबी के चलते बेशक मरीजों को मजबूरन दूसरी जगह ज्यादा कीमत पर सीटी स्केन कराना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में संचालित सीटी स्केन मशीन में आयुष्मान कार्ड और दीनदयाल उपचार योजना के हितग्राहियों की जांच नि:शुल्क एवं सामान्य मरीजों की जांच 933 रुपए में की जाती है।
जुर्माने का है प्रावधान
बड़ी बात यह है कि मशीन एक सप्ताह से बंद पड़ी है लेकिन अनुबंधित संस्था द्वारा केवल रिसर्च एंड डेवलेपमेंट यानि आरएन्डडी ही की जा रही है। अभी तक मदर बोर्ड में फाल्ट था अब किसी अन्य पार्ट में खराबी बताई गई। बताया गया कि आउटसोर्स संस्था के लचर व्यवस्था के चलते अस्पताल प्रबंधन द्वारा जुर्माना भी लगाया जायेगा। जिला अस्पताल के सहायक प्रबंधक डॉ. धीरेन्द्र वर्मा ने बताया कि किसी भी आउटसोर्स संस्था को मशीन बंद होने के 48 घंटे तक की छूट दी जाती है, तब तक संस्था को कम्प्लेन लॉक कर मशीन का सुधार किया जाना आवश्यक है, इसके बाद प्रतिदिन के हिसाब से नियमानुसार जुर्माना लगाने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि कंपनी का अनुबंध भोपाल की संस्था से है। मशीन बनने के बाद कंपनी को पत्राचार किया जायेगा और जुमार्ने की राशि वसूली जाएगी। जानकारी के मुताबिक जिला अस्पताल में संचालित सीटी स्कैन का जिम्मा आउटसोर्स संस्था सिद्धार्थ सीटी स्कैन एंड एमआरआई सेंटर को दिया गया है जो कि पीपीपी मोड़ पर संचालित है।
रिस्टार्ट करने के बाद नहीं हुई स्टार्ट
बताया गया कि रविवार को भोपाल की अनुबंधित कंपनी के इंजीनियर द्वारा मशीन के मदर बोर्ड के फाल्ट पार्ट को लाकर बदला तो गया लेकिन जैसे ही मशीन को रिस्टार्ट किया गया मशीन स्टार्ट नहीं हो पाई। इंजीनियर द्वारा दोबारा मशीन को जांचने के लिए खोला गया लेकिन फाल्ट नहीं मिला। हालांकि संदेह के दायरे में इंजीनियर द्वारा मशीन के एक अन्य मदर बोर्ड के पार्ट को निकालकर चेक करने के लिए ले जाया गया। बताया गया कि मशीन का फाल्ट मदर बोर्ड से लग रहा था उसे तो बदल दिया गया,अब किसी अन्य पार्ट में खराबी की वजह से मशीन शुरू नहीं हो पा रही है। सूत्रों की माने तो अभी सीटी स्कैन मशीन चालू होने में कम से कम दो दिन का समय और लगेगा।


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