सतना-मैहर जिले के 41 गांव मलेरिया जोखिम क्षेत्र में चिन्हित हुए हैं। दवा छिड़काव के लिए भोपाल प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही अभियान शुरू होगा, अब तक 2026 में 11 केस मिले।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
मलेरिया विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सतना-मैहर जिले के 41 गांवों में मलेरिया का खतरा मंडरा रहा है। बीमारी की रोकथाम और दवा छिड़काव के लिए भोपाल प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव पास होते ही गांवों में दवा छिड़काव अभियान जारी किया जाएगा। विभाग के आंकड़ों के अनुसार सतना जिले में मलेरिया नियंत्रण में है, तीन साल में एक भी मरीजों की मौत नहीं हुई है। वर्ष 2023 में 197 मरीज पॉजटिव पाए गए थे जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 94 पर आ गई। 2025 में 95 केस आए, वहीं साल 2026 में अब तक 11 केस मलेरिया पॉजटिव के मिले हैं।
इन गांवों में होगा दवा छिड़काव
सतना-मैहर जिले के 6 ब्लाकों में चिन्हित हरदुआ कोठार, अमदरी पाठा, पिपरा, देउरी, सखौहा कला, अकही, सोहरिया, मढ़उ, लगरगवां, देवगुना, भरुहरा, नादों, मौहारिया, कुलुहा, समोगर कोठार, झुकेही, खमरैया, तंज, बैलिहा, पैकोरी, बाबूपुर, बीरपुर, साडा, कारीगोही-1, सुरदहा नईबस्ती, पुरवा, बडखेरा, धौरहरा, कुड़िया, रेउसा, नौगवां, बरहा, तिउनी, बाठिया, कोलुहा, बरेठिया उबारी, सेमरिया, अतरवेदिया कला, बीरपुर धौरा, चौथहा और गोबराव खुर्द आदि शामिल हैं।
एक दिन में 50 घर का टारगेट
मलेरिया विभाग के मुताबिक अगर 10 हजार की आबादी के बीच किसी गांव में मलेरिया का एक भी केस मिलता है तो उसे इस प्लान में शामिल किया जाता है। गांवों का चयन भोपाल से होता है। मंजूरी मिलने के बाद अलग-अलग टीम गठित की जाएगी। एक टीम को दिन में 35 से 50 घरों में दवा छिडकाव का टारगेट दिया जाता है।


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