सतना जिला पंचायत की संचार संकर्म समिति की बैठक में अनुपस्थित रहने वाले विभाग प्रमुखों पर सख्ती के संकेत दिए गए। लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ संभागायुक्त को कार्रवाई प्रस्ताव भेजने से पहले कारण बताओ नोटिस जारी होगा।
By: Yogesh Patel
Mar 11, 20263:57 PM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
संचार संकर्म स्थाई समिति की बैठक का आयोजन मंगलवार को जिला पंचायत सभागार सतना में किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि समिति ऐसे विभाग प्रमुखों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव संभागायुक्त रीवा को भेजेगी जो लापरवाह हैं। सूचना के बाद भी समिति की बैठक से दूर रहते हैं और ग्रामीण विकास के प्रति रुचि नहीं रखते हैं। लेकिन इसके पहले समिति संबंधित विभाग को बैठक में सूचना के बाद भी उपस्थित न होने का लिखित कारण जानेगी। निर्धारित समय में संतुष्ट कारक जवाब न मिल पाने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी। तीन माह में आयोजित बैठक के दौरान ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क, जन शिक्षा केन्द्र के अधिकारी मौजूद रहे।
तीन माह बाद आयोजित बैठक में भी नहीं पहुंचे
लोक निर्माण विभाग की पीआईयू व वित्त विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, सिंचाई परियोजना से संबंधित बाणसागर नहर व बरगी नहर विभाग, जल जीवन मिशन, आदिम जाति कल्याण जनजातीय कार्य विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जिला खनिज विभाग, वन विभाग, वेयर हाउस कार्पोरेशन, कृषि उपज मंडी, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, उद्यानिकी विभाग, भूमि संरक्षण विभाग व विद्युत विभाग के प्रमुखों को समय - समय पर आयोजित बैठक में उपस्थित न होने पर कार्यवाई का प्रस्ताव तैयार करने के पहले कारण बताओ नोटिस भेजने का निर्णय लिया गया है।
नई टीम जांच कर 15 दिवस में देगी रिपोर्ट
भरहुत अमृत सरोवर की जांच रिपोर्ट के विरुद्ध सत्यता की जांच खातिर एक नई जांच टीम का गठन किया गया है। इस जांच टीम में स्वयं समिति के सभापति, जल संसाधन विभाग व बरगी नहर के एसडीओ शामिल किए गए हैं जो 15 दिवस के अंदर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। यदि जांच प्रतिवेदन में प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन से भिन्नता पाई जाती है तब एसडीओ आरईएस जो कि जांच अधिकारी रहीं हैं कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
भरहुत अमृत सरोवर की जांच को नकारा गया
जनपद पंचायत उचेहरा की ग्राम पंचायत भरहुत में मॉडल अमृत सरोवर का निर्माण 24.79 लाख की लागत से 2023 में कराया गया था। ग्रामीणों की शिकायत पर इस बात की जांच 15 बिंदुओं में तय की गई थी कि बगैर कार्य के मजदूरी के नाम पर 16 लाख 9 हजार रुपए निकाले गए हैं। प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन को संचार संकर्म समिति के सभापति ने पूरी तरह से नकार दिया और कहा कि जांच उनकी उपस्थिति में हुई है लेकिन आरईएस के एसडीओ द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में जांच के तय बिंदुओं की अनदेखी की गई है। सभापति ने कहा कि दिसम्बर 2023 व फरवरी 2024 की बैठक के दौरान अधिकारियों ने अमृत सरोवर को 100 प्रतिशत पूर्णता की रिपोर्ट लिखित में प्रस्तुत की थी, तब 2 साल बाद वही कार्य प्रगतिरत बताकर राशियां क्यों निकाली जा रही हैं। एक तरफ जांच रिपोर्ट में बतया जा रहा है कि तालाब में फरवरी तक पानी भरा रहता है तब नवम्बर में पानी से भरे तालाब में कार्य कैसे हो सकता है?
आगामी बैठक का एजेंडा तय
आगामी बैठक का एजेंडा आज की बैठक में ही तय कर दिया गया है। एजेंडा में तय किया गया है कि सतना/मैहर जिला की ग्राम पंचायतों में ऐसे कार्यों की समीक्षा की जाएगी जो अधूरे पड़े हुए हैं।
विकास कार्यों की माप पुस्तिका ग्राम पंचायत में ही रखी जाए