सतना जिले में स्क्रब टायफस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। मानसून के बाद उमस और गर्मी ने इस बीमारी को फैलने का मौका दिया है। प्लेटलेट्स गिरने और मल्टी ऑर्गन फेल जैसी गंभीर स्थिति से मरीज जूझ रहे हैं। जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में वार्ड फुल हो चुके हैं। चिकित्सकों ने समय पर जांच और सावधानी बरतने की सलाह दी है।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
मानसून की विदाई के बाद जिला इस समय मौसमी बीमारियों की चपेट में है। बारिश थमने के बाद उमस और गर्मी के कारण स्क्रब टायफस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। इस बीमारी में भी मरीजों का प्लेटलेट्स घटने के साथ मल्टी आॅर्गन फेल की स्थित बन रही है। अधिकांश मरीजों को आईसीयू में रेफर भी करना पड़ रहा है। बताया गया कि मल्टी आॅर्गन फेल से पीड़ित गंभीर मरीजों के जीवित रहने की संभावना न के बराबर हो जाती है। चिकित्सकों के मुताबिक वर्तमान में रोजाना एक या दो केस जिला अस्पताल में जांच में पकड़ में आ रहे हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी स्क्रब टायफस के मरीज अधिकता में मिल रहे हैं।
जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक अगस्त-सितम्बर 2025 में 40 से ज्यादा केस स्क्रब टायफस के पाए गए थे जिन्हे भर्ती कर इलाज किया गया। इसके अलावा जो भी मरीज संदेह के दायरे में आता है उसकी जांच प्राथमिकता से कराइ जा रही है। बताया गया कि वर्तमान में स्क्रब टायफस के अलावा, डेंगू, मलेरिया और प्लेटलेट्स कम होने के चलते मरीजों से वार्ड फुल है।
बीमारी का है सतना से पुराना नाता
चिकित्सकों ने बताया कि स्क्रब टायफस जैसी बीमारियां एंडेमिक हैं जिसके केस बारिश के बाद वाले सीजन में देखने को मिलते हैं। स्क्रब टायफस बीमारी गाय मवेशियों के गोबर और उससे बनने वाली खाद में पनपने वाले कीड़े रिकेटसियल बैक्टीरिया नामक कीड़े के काटने से होती है। इस बीमारी की जांच स्क्रब टायफस आईजीएम किट मेथड से की जाती है जिसके बाद पुष्टि होने पर इसका इलाज शुरू किया जाता है। चिकित्सकों ने बताया कि सतना जिले के आसपास के ग्रामीण इलाकों में यह केस ज्यादा पाया जा रहा है। अधिकांशत: जिन घरों में गाय, मवेशी और गोबर वाली खाद का इस्तेमाल किया जा रहा है। क्योंकि इन गोबरों में ही ये कीड़े पैदा होते हैं और इसमें काम करने वाले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं।
क्या है लक्षण
इस बीमारी में मरीजों को डेंगू, मलेरिया जैसा बुखार आता है, प्लेटलेट्स कम होने लगती है और तीन -चार दिन बाद ये बीमारी मरीज के मल्टी आॅर्गन में इंफेक्शन पैदा करने लगती है, पूरे शरीर में निमोनिया का इंफेक्शन बढ़ जाता है। चिकित्सकों ने कहा कि अगर तीन दिन में जांच कर इलाज नहीं किया गया तो मरीज के मल्टी आॅर्गन फेल हो जाने के चांस बढ़ जाते हैं। मरीजों को आईसीयू में वेंटिलेटर में भर्ती करना पड़ता है। मरीज के बचने की संभावना कम हो जाती है।
सलाह
बरसाती सीजन में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले एवं गोबर व खाद का उपयोग करने वाले सभी लोगों को खाद व गोबर में कीटनाशी छिड़काव करते रहना चाहिए। इसके अलावा जहां तक संभव हो तो इन से दूरी बना कर रखें। बुखार आने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें।
जिला अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों में स्क्रब टायफस के मरीज अधिकता में मिल रहे हैं। मरीज के लक्षण देखकर जांच कराई जा रही है अगर बुखार, खांसी वायरल फीवर हो तुरंत जांच कराएं। स्क्रब टायफस बीमारी में तीन चार दिन में उचित इलाज नहीं हुआ तो मरीज की जान भी जा सकती है।
डॉ. विक्रम सिंह, मेडिसिन विशेषज्ञ, जिला अस्पताल


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में 5 हजार किसानों के लिए 'कवच योजना', स्वास्थ्य क्षेत्र, खेल अधोसंरचना और कर्मचारियों के लिए कुल 32,070 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति मिली।
रीवा जिला अस्पताल की सुरक्षा सेवा निविदा में एल-1 और एल-2 कंपनियों को नजरअंदाज कर कथित रूप से ब्लैकलिस्टेड कंपनी को कार्यादेश देने का आरोप लगा है। मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की गई है।
रीवा के सगरा थाना क्षेत्र में 50 लाख रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा किया। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 10 लाख रुपये के जेवर बरामद किए गए, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पन्ना के बृहस्पति कुंड में सेल्फी लेते समय युवक गहरी खाई में गिर गया, जिसकी एसडीआरएफ ने 24 घंटे बाद तलाश कर शव बरामद किया। हादसे के बाद पर्यटक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं।
सतना के कोटर क्षेत्र में नाबालिग की हत्या और कथित दुष्कर्म मामले का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा किया। सीसीटीवी सुराग से आरोपी गिरफ्तार हुआ। मामले में बीएनएस और पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
सतना के उचेहरा जनपद अंतर्गत लखमद चेकडैम निर्माण में गंभीर अनियमितताओं पर 11.10 लाख रुपये की रिकवरी के आदेश जारी हुए, लेकिन एक माह बाद भी वसूली नहीं हुई। जांच में निर्माण गुणवत्ता और तकनीकी खामियां उजागर हुईं।
सतना सांसद गणेश सिंह ने लोकसभा में बघेलखंड की संस्कृति, बघेली भाषा और चित्रकूट की विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की मांग उठाई। उन्होंने केंद्र सरकार के समक्ष संरक्षण, संवर्धन और संवैधानिक मान्यता सहित पांच प्रमुख प्रस्ताव रखे।
सतना जिला अस्पताल में उमस और वायरल संक्रमण के चलते मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वार्ड क्षमता से अधिक भर चुके हैं, प्लेटलेट्स गिरने के मामले सामने आ रहे हैं तथा मलेरिया का दुर्लभ पीवी पॉजिटिव मरीज मिला।
सतना में 7 अगस्त से मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान शुरू होगा। हर शुक्रवार जनसंवाद, निरीक्षण और महाविद्यालयों की समीक्षा होगी। सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के त्वरित समाधान तथा शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर रहेगा।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। भीतरघात के आरोपों और संगठनात्मक सुधार पर विशेष चर्चा।