सीधी में रेत माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाले रेंजर नीलेश द्विवेदी का स्थानांतरण सवालों के घेरे में। क्या यह राजनीतिक साजिश है या महज एक संयोग? जानिए पूरी रिपोर्ट सीधी से।

सीधी, स्टार समाचार वेब
सीधी जिले में खनिज संपदाओं की माफिया गिरी खासकर रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वो उन पर कार्यवाही करने वाले अफसर के साथ मारपीट से लेकर अभद्र व्यवहार करने से भी नहीं चूकते हैं, और अभी-अभी ताजा उदाहरण यह भी देखने को मिल रहा है कि चार दिन पहले मझौली क्षेत्र में जिस रेंजर ने रेत माफियाओं के ट्रैक्टर को रोंका था और उस दौरान रेत माफियाओं ने रेंजर की कार्यवाही को बाधित करने और उनके वाहन को रोकने की कोशिश की थी उन्ही रेंजर साहब का बीते कल सीधी जिले से स्थानांतरण कर दिया गया है। रेत माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही करने वाले रेंजर का स्थानांतरण महज एक संयोग है या राजनीतिक रसूख वाले इन रेत माफियाओं की साजिश का परिणाम है ये तो कुछ दिन बाद ही खुलासा हो सकेगा।
यहां स्मरण करते चले की मझौली वन परी क्षेत्र में पदस्थ रेंजर नीलेश द्विवेदी द्वारा विगत सप्ताह 15 जून को रेत माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही की थी। जहां उस दौरान माफियाओं की टीम ने उनसे बेहद अभद्र व्यवहार करते हुए उनके कार्यवाही में बाधा डालने का प्रयास किया गया था। इसके बाद भी नियम के तहत रेत माफियाओं का ट्रैक्टर पकडकर जप्त किया गया।
ऐसे में रेत माफियाओं के सामने वन अमला कैसे करेगा कार्यवाही - इस मामले में रोचक बात यह है कि इन्हीं रेंजर नीलेश द्विवेदी को मझौली से वन क्षेत्र चंदिया सामान्य वन मंडल उमरिया के लिए स्थानांतरित कर दिया गया है। जिस तरह नीलेश द्विवेदी ने रेत माफियाओं पर कार्यवाही की अब उन पर ही ट्रांसफर की गाज गिरी। ऐसे में दूसरे विभाग का अमला रेत माफियाओं पर कार्यवाही करने की हिम्मत कैसे जुटा पाएगा ?
यह मामला वन परिक्षेत्र अधिकारी नीलेश द्विवेदी द्वारा 15 जून रविवार को सुबह 4 बजे की है। जहां क्षेत्रीय भ्रमण पर अपनी टीम के साथ निकले थे जहां महान नदी से अवैध रेत परिवहन करते ट्रैक्टर को पकड़ कर मझौली ला रहे थे तभी रेत माफिया द्वारा वन टीम के साथ झूमा झपटी करने लगा। इस दौरान मीडिया कर्मियों के पहुंच जाने पर रेत माफिया द्वारा मीडिया कर्मियों से भी झूमा झपटी कर मोबाइल छीनना एवं ट्रैक्टर को छुड़ाने का भरपूर प्रयास किया गया लेकिन रेंजर नीलेश द्विवेदी तटस्थता के साथ माफिया से मुकाबला करते हुए अपनी टीम के बल पर ट्रैक्टर को वन परिक्षेत्र मझौली में लाकर खड़ा कराया है। बताया गया कि ताला से मझौली आते वक्त चुवाही छांदा में ट्रैक्टर ड्राइवर ट्रैक्टर छोडकर भाग गया। जहां वन अमले की टीम ट्रैक्टर चला कर लायी। इस दौरान रेत माफिया जेपी तिवारी पिता मुरली तिवारी चुवाही द्वारा वन अमले से झूमा झपटी कर ट्रैक्टर छुड़ाने का प्रयास किया गया।
वन विभाग की टीम ने की थी बड़ी कार्यवाही
महान नदी से अवैध रूप से रेत निकालकर विक्रय हेतु परिवहन किया जा रहा था जिसे गंभीरता से लेते हुए वन अमला की टीम ने दविस देकर बिना नंबर का ट्रैक्टर ट्राली को रेट सहित पडकर पूंछताछ किया गया। जहां कोई बैध कागजात नहीं उपलब्ध कराया गया। वन परिक्षेत्राधिकारी नीलेश द्विवेदी द्वारा अवैध रेत परिवहन के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए प्रकरण पंजीबद्ध कराकर विवेचना में लिया गया है तथा संपूर्ण घटना की जानकारी थाना मझौली को लिखित में दी गई है।
बिना नंबर का ट्रैक्टर किया गया था जब्त
बिना नंबर का नीला स्वराज ट्रैक्टर ट्रॉली रेत सहित मझौली वन परिक्षेत्र में खड़ा कराया गया है। उस दौरान रेंज आफीसर नीलेश द्विवेदी के साथ पुष्पेंद्र पाण्डेय बीट गार्ड गंजरी, शिवकुमार वर्मा बीट गार्ड पर सिली तथा दिलीप तिवारी, वीरू सिंह सुरक्षा समिति सदस्य कार्यवाही में शामिल रहे। जिसको लेकर भाजपा के कुछ नेताओं ने रेंजर के खिलाफ शिकायत भी की।

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