सतना जिला अस्पताल की नई ओपीडी में दो छात्राएं ताला लगने से अंदर फंस गईं। शोर मचाने पर कर्मचारियों ने उन्हें बाहर निकाला। घटना ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए।
सतना जिला अस्पताल के प्रसूती वार्ड से नवजात बच्ची के अपहरण प्रयास का सनसनीखेज मामला सामने आया। महिला की सतर्कता से बच्ची सुरक्षित बच गई। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज और संजय गांधी अस्पताल में सैकड़ों अग्निशामक यंत्रों की मियाद खत्म होने के बावजूद नए स्टीकर लगाए जाने के आरोप लगे हैं। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।
सतना जिला अस्पताल में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। फायर एनओसी के बिना अस्पताल संचालित हो रहा है। एक्सपायरी रहित सिलेंडर, अधूरा फायर सेफ्टी कार्य और ठेकेदार की लापरवाही मरीजों की जान पर खतरा बन रही है।
जिला अस्पताल परिसर में दो आवारा सांडों की घंटों चली लड़ाई ने मरीजों, परिजनों और स्टाफ में अफरा-तफरी मचा दी। नवजात को गोद में लिए महिलाएं मुश्किल से बचीं, कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जबकि सुरक्षा गार्ड नदारद रहे। पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था की खामियों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में डिप्टी सीएम के लोकार्पण कार्यक्रम से पहले बड़ा हादसा टल गया। एसी डक्ट सिस्टम के पैनल में अचानक आग भड़क गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए समय रहते आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट और पुराने तारों के कारण यह घटना हुई।
सतना जिला अस्पताल में देर रात हंगामा, रेफर मरीज को 108 एंबुलेंस न मिलने पर परिजनों ने जननी एक्सप्रेस के शीशे तोड़े और चालकों से मारपीट की। चालकों ने सुरक्षा की मांग करते हुए एफआईआर दर्ज कराई।
सतना जिला अस्पताल में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। वार्ड और ओपीडी में लगातार जेब कतरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में नाकाम साबित हो रहा है।
सतना जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था बदहाल है। गेट पास सुविधा बंद होने और चेक प्वाइंट न होने से वार्डों में भीड़, विवाद और असामाजिक तत्वों की घुसपैठ बढ़ रही है। मरीजों और स्टाफ दोनों की सुरक्षा संकट में है।
सतना जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल, जब आधी रात एक सांड अस्पताल परिसर में घुस आया और ओपीडी क्षेत्र में उत्पात मचा दिया। परिजनों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा, अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है।






















