मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिपरिषद की बैठक में PM मोदी की राष्ट्रहित अपील, प्रदेश में गेहूं उपार्जन के रिकॉर्ड और 1763 करोड़ की नई सड़क परियोजनाओं की जानकारी दी।
उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागझिरी गेहूं उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
रीवा संभाग में गेहूं उपार्जन की रफ्तार धीमी है, 32 दिन बाद भी केवल 25 प्रतिशत खरीदी हो सकी। किसानों को अव्यवस्था, तौल देरी, बारदाना कमी और भुगतान विलंब जैसी समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं।
सतना जिले में ई-उपार्जन पोर्टल की सर्वर समस्या से किसान जूझ रहे हैं। न स्लॉट बुक हो पा रहे हैं और न उपज चढ़ रही है, जिससे भुगतान और खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
रीवा संभाग में गेहूं खरीदी केंद्रों के निरीक्षण के दौरान खैरा केंद्र पर व्यवस्थाओं में कमी मिली। कमिश्नर बीएस जामोद ने नाराजगी जताते हुए प्रबंधक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, सुधार के आदेश दिए।
मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने गेहूं उपार्जन सत्यापन में गड़बड़ी मिलने पर पटवारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने और फील्ड अमले से संवाद पर जोर दिया।
सतना जिले में गेहूं खरीदी की प्रक्रिया बेहद धीमी है। सात दिन में केवल 5.83 फीसदी स्लॉट बुक हुए हैं और 77 में से सिर्फ पांच केंद्रों पर खरीदी शुरू हो पाई है।
सतना जिले में गेहूं खरीदी से पहले बड़ी लापरवाही सामने आई, 77 उपार्जन केंद्रों में से सिर्फ 28 ऑनलाइन हैं, जिससे किसानों को स्लॉट बुकिंग में परेशानी और फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी शुरू होते ही हंगामा। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सरकार पर रणनीतिक घोटाले का आरोप लगाया। जानें खंडवा, सागर और रायसेन के उपार्जन केंद्रों का हाल
सतना में गेहूं खरीदी में देरी से किसान परेशान हैं। एमएसपी घोषित होने के बावजूद मंडियों में कम दाम मिल रहे हैं, जिससे किसान नुकसान में उपज बेच रहे हैं और व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।






















