सतना में एनएचएम संविदा कर्मियों के 6 करोड़ रुपए ईपीएफ जमा न होने के मामले में प्रशासकीय अधिकारी शावेंद्र सिंह को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। सात दिन में जवाब नहीं देने पर कार्रवाई होगी।
आरटीआई जवाब में स्पष्ट हुआ कि सार्थक ऐप के नियम नियमित कर्मचारियों तक सीमित हैं। बावजूद इसके एनएचएम संविदाकर्मियों पर ऐप अटेंडेंस का दबाव बना हुआ है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली, मानदेय विवाद और प्रशासनिक सख्ती पर बहस तेज हो गई।
सतना में एनएचएम के 347 संविदा कर्मियों का करीब 6 करोड़ रुपये पीएफ गायब होने का मामला सामने आया है। राज्यस्तरीय टीम ने जांच शुरू कर दी, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज।
सतना जिले के 267 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को दो वर्षों से 4 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि नहीं मिली। नाराज सीएचओ ने जिला लेखा प्रबंधक कार्यालय का घेराव कर चेतावनी दी कि मार्च तक भुगतान नहीं हुआ तो ऑनलाइन कार्य बंद करेंगे।
सतना जिले के परसमनिया पीएचसी में चौंकाने वाला मामला सामने आया। रिकॉर्ड में मेडिकल ऑफिसर की सिर्फ 70 दिन उपस्थिति, लेकिन 3 हजार ओपीडी और 4 हजार ब्लड टेस्ट दर्ज। मिशन डायरेक्टर ने जांच के निर्देश दिए।
संविदा नीति 2023 के पूर्ण लाभ, संविलयन, निष्कासित कर्मियों की वापसी, एनपीएस व बीमा लाभ, वेतन विसंगति सुधार सहित दस सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर के 32 हजार एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने एकदिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर भोपाल में एनएचएम कार्यालय का घेराव किया। सतना-मैहर से 500 से अधिक कर्मियों ने आंदोलन में हिस्सा लिया।


















