देवउठनी एकादशी (शनिवार) और 2 नवंबर को तुलसी विवाह के साथ ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 18 नवंबर से 6 दिसंबर तक कुल 13 शुभ मुहूर्त हैं। खरमास (16 दिसंबर से 14 जनवरी) में लगेंगे ब्रेक, फिर फरवरी में बजेंगी शहनाइयां।
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में कार्तिक शुक्ल द्वादशी (रविवार) को भस्म आरती में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। बाबा महाकाल का भांग से भव्य श्रृंगार, मस्तक पर सूर्य और बेलपत्र धारण कर भक्तों को दर्शन दिए। अंगारेश्वर महादेव को वैष्णव तिलक लगाया गया। जानें पूरा दिव्य श्रृंगार।
विश्व प्रसिद्ध उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में कार्तिक शुक्ल एकादशी के अवसर पर बाबा महाकाल का अलौकिक भस्म और भांग श्रृंगार किया गया। हजारों श्रद्धालु देर रात से दर्शन के लिए कतार में लगे। साथ ही, जानें देवउठनी एकादशी की तिथि, पारण का शुभ समय और महाकाल के आज के श्रृंगार की विशेषता।
2 नवंबर 2025 (रविवार) का विस्तृत हिन्दू पंचांग जानें। कार्तिक शुक्ल पक्ष, द्वादशी तिथि, तुलसी विवाह पर्व, शुभ-अशुभ मुहूर्त और एकादशी व्रत पारण का सही समय यहाँ देखें।
01 नवंबर 2025 का विस्तृत पंचांग: देवउठनी एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी) की तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र और योग की जानकारी। इस दिन से चातुर्मास समाप्त होगा और शुरू होंगे मांगलिक कार्य।
तुलसी विवाह 2025 कब है? जानें देवउठनी एकादशी से इसका संबंध, शुभ मुहूर्त (2 नवंबर), पूजा विधि, और कन्यादान के महापुण्य का महत्व।

















