भोपाल के इतवारा चौराहे पर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग की। जानें क्यों मुस्लिम समाज गौ-वध को हराम और गौ-रक्षा को जरूरी बता रहा है।
सतना जिले में एफएमडी टीकाकरण अभियान सुस्त पड़ा है। 3.84 लाख लक्ष्य के मुकाबले केवल 66 फीसदी टीकाकरण हुआ, शेष आठ दिनों में प्रतिदिन 16 हजार से अधिक टीके लगाना बड़ी चुनौती बन गया है।
सतना में बढ़ती गर्मी के बावजूद पार्वो वायरस का असर कम नहीं हुआ है। पशु चिकित्सालय में रोजाना कई पिल्ले गंभीर हालत में पहुंच रहे हैं, चिकित्सकों ने समय पर टीकाकरण की सलाह दी है।
सतना में पशु बचाओ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई, कंटेनर और ट्रक से 96 मवेशी मुक्त, छह तस्कर गिरफ्तार।
सतना जिले में जिला गौपालन, पशुधन संवर्धन, पशु क्रूरता निवारण और पशु कल्याण समितियों की संयुक्त बैठक में निर्णय लिया गया कि हर माह ब्लॉकवार गौशालाओं का रैंडम निरीक्षण होगा। जिले की 59 गौशालाओं में 15 हजार से अधिक गौवंश हैं जिनकी गिनती ऐप से सत्यापित होती है। सर्दियों में पशुओं की सुरक्षा, शेड प्रबंधन, खाद्य व्यवस्था और गौशाला स्वावलंबन पर विशेष निर्देश दिए गए। पशु कल्याण समिति की आय-व्यय रिपोर्ट और उपकरण खरीद को भी मंजूरी मिली।
सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों और हाईवे पर घूम रहे आवारा पशुओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सरकार को निर्देश दिया है कि इन पशुओं को तुरंत हटाया जाए। शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों से भी आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं को हटाकर आश्रय गृह भेजने का आदेश दिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड की बैठक में गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने, देसी नस्ल के गौपालन को प्रोत्साहित करने और गोबर-गौमूत्र से आय अर्जित करने पर जोर दिया। जानें कैसे गौशालाएं बनेंगी समृद्ध और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में देंगी योगदान।
सीधी जिले के पड़रा ओव्हरब्रिज जंक्शन पर देर रात अज्ञात वाहन की चपेट में आने से चार गौवंशों की मौत हो गई और दो बछड़े गंभीर रूप से घायल हो गए। गौसेवकों ने घायलों को प्राथमिक उपचार देकर कांजी हाउस पहुंचाया। घटना पर आक्रोश जताते हुए गौसेवकों ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और लापरवाह गौपालकों को जिम्मेदार ठहराया और कठोर कानून व प्रभावी गौशालाओं की मांग की।
सीधी जिले में आवारा पशुओं की भरमार से सड़कें बनीं गौशाला। राष्ट्रीय राजमार्ग 39 पर आए दिन हादसे, कई पशु घायल और मौत का शिकार। दूध बंद होते ही छोड़े जा रहे गौवंश, बैलों की उपयोगिता खत्म होने से समस्या और गंभीर। स्थायी समाधान के लिए बड़े गौ-अभ्यारण्यों की जरूरत।
सीधी जिले में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या से किसान बुरी तरह परेशान हैं। खरीफ सीजन की फसलें सुरक्षित रखने के लिए किसान दिन-रात खेतों में जागकर रखवाली कर रहे हैं। खेतों में तार और बाड़ा लगाकर सुरक्षा की कोशिशें की जा रही हैं, जिससे खेती की लागत और बढ़ रही है। सरकार से ठोस समाधान की उम्मीद अब भी अधूरी है।






















