RSS ने शताब्दी वर्ष में सांगठनिक बदलाव करते हुए मध्य प्रदेश के तीन प्रांतों को खत्म कर 9 नए संभाग बनाने का फैसला लिया है। जानें पूरे प्रदेश का नया स्ट्रक्चर और किसे मिलेगी कमान।
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान और चीन को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने आतंक के ढांचे को तोड़ा है और भारत किसी भी दुस्साहस का जवाब देने को तैयार है।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानी राज्यों में जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। मध्य प्रदेश, राजस्थान में शीतलहर के साथ घना कोहरा छाया हुआ। मध्य प्रदेश में सोमवार सुबह इस सर्दी के सीजन का अब तक का सबसे ज्यादा कोहरा दर्ज किया गया।
स्विट्जरलैंड के लग्जरी अल्पाइन स्की रिजॉर्ट में नए साल के पहले दिन ही भीषण धमाको हो गया। धमाके में कई लोगों के मारे जाने की आशंका है। स्विस पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया धमाका किस कारण से हुआ है इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने इस घटना में कई लोगों के मारे जाने की बात कही है।
भोपाल, रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशनों से गुजरने वाली 26 ट्रेनों का समय 1 जनवरी 2026 से बदल रहा है। रेलवे ने नई समय-सारणी जारी की है, जिसमें 5 से 15 मिनट का अंतर है।
PFRDA ने NPS निकासी नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब निजी कर्मचारी रिटायरमेंट पर 80% फंड एकमुश्त निकाल सकते हैं। जानें नए स्लैब और एन्युइटी नियम।
सीएम डॉ. मोहन यादव सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार का भूमि पूजन किया। समारोह का अयोजन सुबह 11 बजे फंदा स्थित महाराणा प्रताप शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में किया गया था। कार्यक्रम में सीएम के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश की कोई बड़ी उपलब्धि हो या कोई हैरान करने वाली घटना या जिम्मेदार अफसरों से जुड़ा किस्सा...अक्सर इन्हें पेश करते हुए यह टैग लाइन जोड़ दी जाती है... एमपी अजब है, सबसे गजब है। दरअसल, मध्यप्रदेश के राजभवन का नाम बदलकर अब लोक भवन कर दिया गया है।
कटे हुए सिर घटना का बदला लेने के लिए मालकानगिरी जिले के कोरूकोंडा ब्लॉक के एमवी-26 गांव में तनाव बरकरार है। गांव में 50 से अधिक घरों में आग लगाकर लूटपाट की गई थी। हजारों आदिवासी एकजुट होकर पूरे गांव को आग के हवाले कर दिया। भारी पुलिस बल, डीवीएफ और बीएसएफ जवानों की मौजूदगी के बावजूद हिंसा को रोका नहीं जा सका।






















