चक्रवात मोंथा लगातार कमजोर हो रहा है, लेकिन इसका असर कई राज्यों में देखा जा रहा है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा में चक्रवात से काफी नुकसान हुआ है। आंध्र प्रदेश में तीन लोगों की मौत हो गई, 42 मवेशी मारे गए और करीब 1.5 लाख एकड़ में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं।
मध्यप्रदेश में बारिश का दौर चल रहा है। रविवार को 20 से ज्यादा जिले तरबतर हो गए। श्योपुर में 9 घंटे में ही 2 इंच पानी गिर गया, जबकि भोपाल-इंदौर में पूरे दिन रिमझिम बरसात होती रही। ऐसा ही मौसम आज भी बना रहेगा। खासकर ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के 8 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है।
मध्यप्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है। राजधानी भोपाल में शनिवार रात से ही बारिश हो रही है, जो सुबह भी जारी रही। इससे पहले शनिवार को भोपाल, उज्जैन, शाजापुर, पांढुर्णा समेत कई जिलों में बारिश हुई। शाजापुर के अकोदिया और पांढुर्णा में तो सड़कों से पानी बह गया।
देश के अधिकांश राज्यों में मानसून की विदाई का सिलसिला शुरू हो गया है। लेकिन कुछ राज्यों में अब भी बारिश-बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे जन-जीवन के साथ ही यातायात व्यवस्था भी चौपट हो गई है। यही नहीं, मौत का भी आंकड़ा बढ़ गया है। प्रमुख शहर पानी से लबालब नजर आ रहे हैं।
हिमाचल और उत्तराखंड में देर रात और तड़के आपदा काल बनकर टूट रही है। अतिवृष्टि से जानमाल को भारी नुकसान हो रहा है। रात के अंधेरे में घटना होने पर लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिल पाता है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के थाच गांव में गुरुवार देर रात बादल फटा।
देश में बारिश-बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर और गांवों में एक जैसे हालात हो गए हैं। लोगों की जिंदगी बेपटरी हो गई है। स्कूल-कॉलेज बंद होने से बच्चों की पढ़ाई भी चौपट हो रही है। वहीं किसानों का तो हाल बेहाल है। सभी फसलें बर्बाद हो गई हैं। इधर, पंजाब के सभी 23 जिले अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं।
नईगढ़ी क्षेत्र में आवारा मवेशियों ने किसानों की नींद उड़ा दी है। खेतों की फसलें बर्बाद हो रही हैं और लगभग 40% किसान खेती से मुंह मोड़ रहे हैं। सरकार की गौशाला योजना अधर में लटकी है।
देश में अभी भी बारिश-बाढ़ का कहर जारी है। सबसे ज्यादा प्रभावित पंजाब, राजस्थान, हिमाचल और उत्तर प्रदेश है। इन राज्यों में कई लोगों की मौत हो चुकी है। कई लापता हैं। लाखों लोगों के घर डूब गए हैं। हर जगह पानी ही पानी नजर आ रहा है। हालात ये हो गए हैं कि प्रभावति लोगों ने अब पलायन शुरू कर दिया है। निचले इलाके जलमग्न हैं।
भारत इन दिनों बाढ़ का बड़ा केंद्र बना है। देश का 10 फीसदी हिस्सा बाढ़ की चपेट में है। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और पंजाब में लोग सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहे हैं। वहीं बारिश पूर्व किए गए तमाम दावे खोंखले साबित हो रहे हैं। जलभराव के आगे सब बेबस हो गए हैं। पुलिस, प्रशासन और सेना राहत कार्य में जुटी है।
रीवा जिले के सिरमौर में यूरिया खाद संकट गहराया। किसान 6 दिन से लाइन में लग रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रही। धान की फसल पीली पड़ने लगी, पुलिस और प्रशासन पर लापरवाही व अभद्रता के आरोप।






















