सतना के मझगवां में मासूम की मौत ने कुपोषण की भयावह स्थिति उजागर कर दी है। प्रशासन और विभागीय दावों के बीच सच्चाई की जांच जारी है, जबकि क्षेत्र में हजारों बच्चे कुपोषण से जूझ रहे हैं।
मझगवां और सरभंगा जंगलों में बाघों की मजबूत मौजूदगी के बीच कंजर्वेशन रिजर्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सरभंगा में बाघ होने के बावजूद प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका।
सतना के कोठी–मझगवां क्षेत्र में एक नीलगाय ने 11 वनकर्मियों की रेस्क्यू टीम को पूरे 8 घंटे तक चुनौती दी। खेतों और गांवों के बीच दौड़ती नीलगाय से किसान सहमे रहे, एक किसान घायल हुआ, अंततः शाम को उसे सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ा गया।
सतना के मझगवां वनपरिक्षेत्र में बाघ संरक्षण को नई तकनीकी ताकत मिलने जा रही है। मार्च 2026 से पूरे रेंज में 200 अत्याधुनिक ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे बाघों की गतिविधियों, सुरक्षा और अवैध शिकार पर प्रभावी निगरानी संभव होगी।
सतना जिले में कुपोषण का संकट फिर उजागर हुआ है। नागौद क्षेत्र के पनास आंगनवाड़ी केंद्र में स्वास्थ्य जांच के दौरान 7 बच्चे अति गंभीर कुपोषित पाए गए। चार माह पहले मझगवां क्षेत्र में मासूम रजा हुसैन की मौत के बाद भी जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग से लेकर स्वास्थ्य अमले तक की लापरवाही जारी है। आंकड़े बताते हैं कि सतना के 125 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में कुपोषण का स्तर सरकारी मानकों से कई गुना अधिक है। योजनाओं और बजट के बावजूद नतीजे नहीं दिख रहे, जिम्मेदार अधिकारी अब भी मौन हैं।
सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का हाल चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के मझगवां में बदहाल है। लाखों की लागत से बनी पाइपलाइन और नल कनेक्शन बेकार पड़े हैं। वार्डों में दो साल से पानी सप्लाई बंद है, मोटर पंप खराब पड़े हैं और शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे। ग्रामीण आक्रोशित हैं और आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।
सतना जिले के देवलहा गांव में युवक की हत्या का खुलासा हुआ है। आरोपी साढ़ू भाई ने अपनी पत्नी पर गलत नजर और उधारी के पैसों के विवाद के कारण साजिश रचकर हत्या कर दी। आरोपी ने अपने बहनोई और एक अन्य साथी की मदद से वारदात को अंजाम दिया। फरारी के दौरान सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने से पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आरोपी को पकड़ा। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
सतना जिले के मझगवां थाना क्षेत्र में युवक गुड्डा मवासी की निर्मम हत्या कर दी गई। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है जबकि मुख्य आरोपी रामनरेश अब भी फरार है। हत्या की वजह साली से अवैध संबंध बताए जा रहे हैं।
मझगवां के कैम्हा गांव में आदिवासी परिवारों और वन विभाग के बीच जमीन विवाद गहराता जा रहा है। पीढ़ियों से खेती कर रहे आदिवासियों को अब अपनी ही जमीन से हटाया जा रहा है। संगठनों ने चेताया—अगर न्याय न मिला तो उग्र आंदोलन होगा।
सतना जिले के मझगवां और चित्रकूट क्षेत्र में शराब और गांजे की अवैध बिक्री खुलेआम जारी है। महिलाएं और छात्राएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं, लेकिन प्रशासन और राजनैतिक दल मौन हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर रोक नहीं लगी तो आंदोलन होगा।






















