रीवा शहर में शाम ढलते ही सड़कें मयखाने में तब्दील हो जाती हैं। खुलेआम शराबखोरी, चखना ठेले और नियमों की अनदेखी से महिलाएं व यात्री परेशान हैं।
रीवा नगर निगम ने अटल पार्क और उससे जुड़ी 22 दुकानों का संचालन 5.21 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली पर आराध्य श्रीराम प्राइवेट लिमिटेड को सौंप दिया है। निगम को बड़ी आय होगी, लेकिन अब पार्क में प्रवेश के लिए जनता को शुल्क देना होगा। शादी-पार्टी जैसे निजी आयोजनों पर रोक रहेगी और केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम ही अनुमति से आयोजित होंगे।
रीवा शहर का नया मास्टर प्लान अब वर्ष 2047 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसमें आसपास के 88 गांव और दो तहसीलें शामिल की जाएंगी। पुराने प्लान में अधूरे रह गए कार्यों को भी इस बार जोड़ा जा रहा है। तालाबों और ग्रीन बेल्ट की अनदेखी के कारण पिछला प्लान लटक गया था। अब सैटेलाइट मैपिंग के जरिए लैंड यूज में बदलाव की उम्मीद के साथ व्यापारी और निवेशक 3 साल से कर रहे हैं इंतजार।
रीवा शहर के सबसे व्यस्ततम अमहिया मार्ग को 18 मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिसके लिए नगर निगम ने 200 से अधिक अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया है। सिरमौर चौराहा से अस्पताल चौराहा तक की सड़क के दोनों ओर किए गए कब्जे हटाए जाएंगे। संजय गांधी और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तक सुगम पहुंच के लिए यह चौड़ीकरण जरूरी माना जा रहा है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
रीवा में शांति रॉयल स्टेट द्वारा बीहर नदी पर बनाई गई अवैध दीवार आखिरकार नदी की धार के सामने टिक नहीं पाई। प्रशासन और कॉलोनाइजरों की मिलीभगत ने शहर को बाढ़ के खतरे में डाल दिया। नदी की धारा रोकने से शहर जलमग्न हो गया, ईको पार्क, बोदाबाग और सैनिक स्कूल तक पानी पहुंचा। सवाल उठता है—क्या अब भी कार्रवाई होगी या फिर अगली आपदा का इंतजार किया जाएगा?
रीवा में सावन की पहली बारिश में 18 मिमी पानी दर्ज, शहर के कई इलाकों में जलभराव। स्कूलों और घरों में पानी घुसा, नाली व्यवस्था चरमराई। नेहरू नगर और समान स्कूल सबसे अधिक प्रभावित।
रीवा शहर में सीवर लाइन बिछाने के बाद रेस्टोरेशन न होने से सड़कों की हालत बदतर हो गई है। कीचड़, गड्ढों और अव्यवस्था ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, जबकि नगर निगम की फटकार के बावजूद हालात जस के तस हैं।



















