सतना जिला अस्पताल में जननी एक्सप्रेस चालकों पर प्रसूता के परिजनों से पैसे मांगने का आरोप लगा है। शिकायत कलेक्टर तक पहुंचने के बाद मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
By: Yogesh Patel
Mar 08, 20263:45 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
सरकारी योजना के तहत नि:शुल्क सेवा देने वाली जननी एक्सप्रेस के चालकों पर प्रसूता के परिजनों से पैसे मांगने का गंभीर आरोप सामने आया है। शनिवार को जिला अस्पताल में एक प्रसूता के परिजन ने एम्बुलेंस चालकों द्वारा पैसे मांगने की शिकायत कलेक्टर से करते हुए कार्रवाई की मांग की। जानकारी के मुताबिक कुआं सोहास निवासी राधा मांझी पत्नी जोगेन्द्र को 5 मार्च को प्रसव के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 7 मार्च को सुबह करीब 10 बजे राधा को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद पति जोगेन्द्र अपनी पत्नी को घर ले जाने के लिए जननी एक्सप्रेस की व्यवस्था करने में जुट गए। जोगेन्द्र ने बताया कि दोपहर करीब साढ़े 12 बजे से वह 108 पर लगातार कॉल कर रहा था, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूर होकर वह अस्पताल के बाहर खड़ी एम्बुलेंस के चालकों के पास पहुंचे। आरोप है कि एम्बुलेंस क्रमांक सीजी 04 एनडब्ल्यू के स्टाफ ने घर छोड़ने के लिए 500 रुपये की मांग की, जबकि एक अन्य एम्बुलेंस के कर्मचारियों ने 300 रुपये मांगे।
इसी दौरान जिला अस्पताल में मौजूद कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस को देखकर जोगेन्द्र ने पूरी शिकायत उनसे की। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन और अस्पताल प्रबंधन को जांच के निर्देश दिए।
कॉल सेंटर ने भी झाड़ा पल्ला
परिजनों का आरोप है कि 108 कॉल सेंटर में फोन करने के करीब तीन घंटे बाद भी प्रसूता को जननी एक्सप्रेस नहीं मिल पाई, बाद में कॉल सेंटर कर्मचारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि सभी एम्बुलेंस व्यस्त हैं। हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि जब सभी एम्बुलेंस व्यस्त थीं तो अस्पताल के बाहर खड़ी जननी एक्सप्रेस ने बिना कॉल सेंटर से सूचना लिए प्रसूता को घर कैसे पहुंचाया? जोगेन्द्र का कहना है कि अंतत: सोहास तक छोड़ने के लिए चालक ने उससे 300 रुपये ले लिए। उल्लेखनीय है कि मैहर और सतना जिले में कुल 34 जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस संचालित हैं, जिनका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क अस्पताल लाना और घर तक पहुंचाना है।
इनका कहना है...
देखिए यदि जननी एक्सप्रेस का स्टाफ पैसों की मांग कर रहा है तो यह गंभीर लापरवाही है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और एम्बुलेंस संचालन करने वाली कंपनी के जिम्मेदारों से भी जवाब-तलब किया जाएगा।
डॉ. मनोज शुक्ला, सीएमएचओ