सतना जिले में धान उपार्जन के बीच परिवहन की धीमी गति चिंता का विषय बन गई है। 21 समितियों में परिवहन 30 से 50 फीसदी के बीच अटका है, जबकि 9 केंद्र 30 फीसदी से भी कम पर हैं। इससे किसानों के भुगतान, भंडारण व्यवस्था और मिलिंग चक्र पर सीधा असर पड़ रहा है।
सतना–मैहर में धान उपार्जन केंद्रों पर तौलाई, गिनाई, सिलाई और पल्लेदारी के नाम पर किसानों से अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मानक से अधिक तौल, धान में मिलावट, भुगतान में देरी और सम्मान निधि की कथित चौथ वसूली ने सरकारी खरीदी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2026 को मध्य प्रदेश में 'कृषि एवं किसान वर्ष' घोषित किया। किसानों को सशक्त बनाने के लिए सहकारी संस्थाओं के कंप्यूटरीकरण, पैक्स की स्थापना, और कृषि विपणन समितियों को मजबूत करने के निर्देश दिए। अपेक्स बैंक ने 4.27 करोड़ रुपये का लाभांश भेंट किया।
रीवा में किसानों को आखिरकार यूरिया की किल्लत से राहत मिली। 2600 एमटी खाद की रैक रेलवे स्टेशन पहुंची, जिसमें से 1300 एमटी सहकारी समितियों को आवंटित हुई है। सोमवार से 35 समितियों के माध्यम से किसानों को यूरिया वितरण शुरू होगा। सीधी, ब्यौहारी और प्राइवेट दुकानदारों को भी हिस्सा आवंटित किया गया है।
















