सतना में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पर कलेक्टर ने 37 अधिकारियों को नोटिस जारी किया, समयसीमा में सुधार नहीं होने पर वेतन कटौती सहित कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई
सतना में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर कलेक्टर सख्त दिखे। डीएसओ, सीईओ समेत कई अधिकारियों को नोटिस जारी हुआ, सुधार नहीं होने पर वेतन काटने की चेतावनी दी गई।
मैहर कलेक्ट्रेट की समय-सीमा बैठक में आयुष्मान कार्ड निर्माण को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। गलत और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करने पर कलेक्टर रानी बाटड ने कड़ा रुख अपनाते हुए आयुष्मान के जिला प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
सतना में सीएम हेल्पलाइन और समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने सख्त रुख अपनाया। टीएल मीटिंग में वर्चुअली शामिल न होने और शिकायतों के नाट-अटेंड रहने पर जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री, नगर निगम के उपयंत्री और मझगवां के एक लिपिक का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।
सतना जिले में सीएम हेल्पलाइन के दुरुपयोग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उचेहरा वनपरिक्षेत्र के गोबरांव गांव से अवैध पेड़ कटाई की शिकायत को गंभीर मानकर वन विभाग ने जांच दल भेजा, लेकिन मौके पर पहुंचने पर शिकायत का मकसद ही बदल गया।
मध्यप्रदेश में स्वामी विवेकानंद जयंती से 'संकल्प से समाधान' अभियान शुरू हो रहा है। 31 मार्च तक चलने वाले इस अभियान में 4 चरणों में पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
सतना में सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के कमजोर निराकरण पर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस सख्त हुए। तीन तहसीलदारों समेत 20 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर समय-सीमा में सुधार के निर्देश दिए गए।
सतना में सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर कलेक्टर सख्त। अधिक शिकायतें होने पर सात दिन का वेतन कटेगा। आरआरसी के 5097 प्रकरण लंबित, 26 जनवरी को उत्कृष्ट विभाग होंगे सम्मानित।
सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का हाल चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के मझगवां में बदहाल है। लाखों की लागत से बनी पाइपलाइन और नल कनेक्शन बेकार पड़े हैं। वार्डों में दो साल से पानी सप्लाई बंद है, मोटर पंप खराब पड़े हैं और शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे। ग्रामीण आक्रोशित हैं और आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।
सतना जिले में बिजली विभाग की लापरवाही से 1500 से ज्यादा बिजली बिल की शिकायतें लंबित हैं। इनमें से 265 शिकायतें 30 दिन से अधिक और 47 शिकायतें 100 दिन से ज्यादा समय से अटकी हुई हैं। सर्वाधिक शिकायतें शहर संभाग सतना की हैं। अधीक्षण अभियंता ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सात दिन में निराकरण के निर्देश दिए।






















