सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने फार्मर रजिस्ट्री और सीएम हेल्पलाइन की कमजोर प्रगति पर नाराजगी जताई। स्वास्थ्य, राजस्व और पीएचई विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सड़क निर्माण और मत्स्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए।
सतना शहर में बिजली आपूर्ति बाधित होने से बढ़ीं शिकायतों पर डीई सिटी ने अधिकारियों की बैठक ली। सीएम हेल्पलाइन और 1912 में दर्ज शिकायतों के त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण के निर्देश दिए गए।
सतना जिले में प्रसूति सहायता योजना के भुगतान से जुड़ी 457 शिकायतें लंबित हैं। तकनीकी त्रुटियों और फील्ड वर्करों की गलतियों से हितग्राही परेशान हैं। जिला अस्पताल में सबसे अधिक मामले लंबित पाए गए।
नागौद के रौंड तेंदूपत्ता फड़ के बंद होने से 67 मजदूरों की आजीविका प्रभावित हुई है। वन विभाग पर शिकायत दबाने और सीएम हेल्पलाइन में भ्रामक जानकारी देकर मामले की लीपापोती करने के आरोप लगे हैं।
सतना में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पर कलेक्टर ने 37 अधिकारियों को नोटिस जारी किया, समयसीमा में सुधार नहीं होने पर वेतन कटौती सहित कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई
सतना में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर कलेक्टर सख्त दिखे। डीएसओ, सीईओ समेत कई अधिकारियों को नोटिस जारी हुआ, सुधार नहीं होने पर वेतन काटने की चेतावनी दी गई।
मैहर कलेक्ट्रेट की समय-सीमा बैठक में आयुष्मान कार्ड निर्माण को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। गलत और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करने पर कलेक्टर रानी बाटड ने कड़ा रुख अपनाते हुए आयुष्मान के जिला प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
सतना में सीएम हेल्पलाइन और समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने सख्त रुख अपनाया। टीएल मीटिंग में वर्चुअली शामिल न होने और शिकायतों के नाट-अटेंड रहने पर जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री, नगर निगम के उपयंत्री और मझगवां के एक लिपिक का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।
सतना जिले में सीएम हेल्पलाइन के दुरुपयोग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उचेहरा वनपरिक्षेत्र के गोबरांव गांव से अवैध पेड़ कटाई की शिकायत को गंभीर मानकर वन विभाग ने जांच दल भेजा, लेकिन मौके पर पहुंचने पर शिकायत का मकसद ही बदल गया।
मध्यप्रदेश में स्वामी विवेकानंद जयंती से 'संकल्प से समाधान' अभियान शुरू हो रहा है। 31 मार्च तक चलने वाले इस अभियान में 4 चरणों में पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।






















