रीवा कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में युवक ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन कर सड़क निर्माण की मांग उठाई। दो साल से अधूरी सड़क, मुआवजा और पुल न बनने से गांव के लोग परेशान हैं।
धार भोजशाला मामले में इंदौर हाईकोर्ट ने ASI की 2100 पन्नों की सर्वे रिपोर्ट पर सभी पक्षों से 2 सप्ताह में आपत्तियां मांगी हैं। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
कर्नल सोफिया पर विवादित बयान देने वाले एमपी के मंत्री विजय शाह पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना है। जानें सीएम मोहन यादव की दिल्ली दौड़ और शाह की चौथी माफी का पूरा मामला।
मध्य प्रदेश ओबीसी आरक्षण मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार का कोई भी वकील मौजूद नहीं रहा। कोर्ट ने इस रवैये पर खेद जताया है। अगली सुनवाई 4 फरवरी 2026 को होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों पर अवैध खनन को लेकर चिंता जताई है। CJI सूर्यकांत की बेंच ने एक्सपर्ट कमेटी बनाने और राजस्थान सरकार से अवैध खनन रोकने की गारंटी ली है। जानें पूरी खबर।
हमें बताएं कि आप हॉस्पिटल के गलियारों में कितने कुत्ते घूमते हुए देखना चाहते हैं। वकील सीयू सिंह ने कहा- भारी संख्या में आवारा कुत्तों को एक ही शेल्टर में रखने से कई बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। ऐसे में कुत्तों के लिए 91,800 नए शेल्टर बनाए जाने चाहिए।
आज यानी बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों को लेकर सुनवाई हुई। इस दौरान पीठ ने कहा- ये कहा नहीं जा सकता की कुत्तों के मन में क्या चल रहा है और कब वो किसी को काट लें। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने शहर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई 17 लोगों की मौत और बीमारी के मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए जिम्मेदारों को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने दो टूक शब्दों में कहा- देश के सबसे स्वच्छ शहर में ऐसा हो रहा, बहुत ही दुखद है।
अरावली पर्वतमाला को लेकर उठे विवाद पर आज यानी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सीजेआई सूर्यकांत ने आदेश दिया है कि विशेषज्ञ समिति की सिफारिशें और उन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई आगे की टिप्पणियां फिलहाल स्थगित रहेंगी। अदालत ने साफ किया कि अगली सुनवाई तक इन सिफारिशों को लागू नहीं किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने एक केस की सुनवाई करते हुए कहा-अगर कोई पति अपनी पत्नी से घर के सभी खर्चों का हिसाब रखने के लिए एक्सेल शीट बनाने को कहता है, तो इसे क्रूरता नहीं माना जा सकता और इसके आधार पर आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी द्वारा पति के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करते हुए यह बात कही।





















