बच्चों का गुस्सा अब सिर्फ छोटी-मोटी जिद या शरारत तक सीमित नहीं रह गया है। कम उम्र में मारपीट, हिंसक प्रतिक्रिया और दूसरों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं कई सवाल खड़े कर रही हैं। क्या मोबाइल और सोशल मीडिया पर देखी जा रही सामग्री बच्चों के व्यवहार को प्रभावित कर रही है? क्या सोशल मीडिया के इस दौर में परिवार में बदलते रिश्ते, उपेक्षा और तनाव भी इसकी वजह बन रहे हैं? क्या इन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं? बच्चों के व्यवहार से जुड़े शोध और विशेषज्ञों की राय इन्हीं सवालों की पड़ताल करते हैं।
रीवा के गोविंदगढ़ में जनविश्वास अभियान के तहत जिला पंचायत सीईओ सृष्टि देशमुख ने अस्पताल, पीएमश्री स्कूल और आंगनवाड़ी का निरीक्षण किया। गर्भवती महिलाओं की जांच, विद्यार्थियों की उपस्थिति और बच्चों के पोषण पर निर्देश दिए।
रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एनएबीएच सर्टिफिकेट रिन्युअल के निरीक्षण में कई कमियां सामने आईं। जांच से पहले एसजीएमएच से स्टाफ, एम्बुलेंस और उपकरण जुटाने के आरोप हैं। सोनोग्राफी लाइसेंस भी एक्सपायर्ड मिले।
रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की एनएबीएच मान्यता के नवीनीकरण के लिए तीन सदस्यीय टीम 30 अक्टूबर से निरीक्षण करेगी। पिछली जांच में 60 आपत्तियां मिली थीं। डॉक्टरों, स्टाफ और मरीज सुविधाओं की व्यवस्था पर रहेगी नजर।
रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की 13 करोड़ रुपये की एमआरआई मशीन ढाई दिन बंद रही। सोमवार दोपहर जांच शुरू हुई। मरीजों को निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ा, जबकि अस्पताल में डेढ़ महीने तक की वेटिंग बताई जा रही है।
रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से जुड़े हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. केडी सिंह का कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने से मामला फिर चर्चा में है। आयुष्मान अस्पताल पर पूर्व कार्रवाई और न्यायालय से मिली राहत को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय और DGHS ने देश भर के सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में एक बार इस्तेमाल होने वाले मेडिकल उपकरणों के दोबारा इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। जानें इसके कारण, नियम और उल्लंघन करने पर होने वाली कार्रवाई।
मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में स्वास्थ्य विभाग की ₹60.60 लाख की सरकारी राशि के गबन का खुलासा हुआ है। EOW ने तत्कालीन CMHO और DHO समेत 6 कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
टाटा ट्रस्ट्स ने वित्त वर्ष 2026 में ₹1,556 करोड़ बांटे। नोएल टाटा ने देशभर में 40-50 गैर-लाभकारी अस्पतालों का नेटवर्क बनाने और 2026-31 की स्वास्थ्य रणनीति की घोषणा की।
सतना जिले के छह स्वास्थ्य संस्थानों में नेत्र जांच शिविर लगाए गए। 434 लोगों की जांच में 272 को चश्मे की जरूरत मिली, जबकि 42 मरीजों में मोतियाबिंद की शिकायत सामने आई।






















