संसद का मानसून सत्र आज बिना किसी ठोस निर्णय के हंगामे की भेंट चढ़ गया। सत्र के अंतिम दिन लोकसभा की कार्यवाही महज 1 मिनट ही चल सकी। राष्ट्रगीत वंदे मातरम के गायन के तुरंत बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में हो रहे गतिरोध को लेकर आज जवाब दिया है। शाह ने बुधवार को कहा कि सरकार हर मुद्दे पर तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन को चलने दे। आज 3 बजे से चर्चा शुरू करें। मैं सदन में बैठूंगा, सुनूंगा और कल 3 बजे सबको जवाब दू्ंगा।
मध्यप्रदेश के मानसून सत्र में पारित समान नागरिक संहिता विधेयक के खिलाफ मुस्लिम समाज प्रदेशभर में प्रदर्शन करेगा। भोपाल से कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में यूसीसी लागू कर मुस्लिमों के अधिकार छीने जा रहे हैं।
विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने लोकसभा में चार अहम बिल पेश किए। इनमें ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल, 2026, माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन अमेंडमेंट बिल, 2026 शामिल हैं। इसके अलावा केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 और नेशनल को-आॅपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन अमेंडमेंट बिल, 2026 भी पेश किए गए।
तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन विवादों में घिर गए हैं। एक रैली के दौरान सीएम और अभिनेत्री को लेकर किए गए एक अभद्र बयान पर उनकी कड़ी आलोचना हो रही है। उनके खिलाफ पुलिस ने छह धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
देशभर में जारी नीट-यूज पेपर लीक विवाद की गूंज आज संसद के दोनों सदनों में स्पष्ट रूप से सुनाई दी। 25 जुलाई को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने वाले पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे। संसद भवन परिसर में एनडीए सांसदों ने उन्हें शॉल और पारंपरिक मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया और साथ लेकर सदन के अंदर गए।
नीट पेपर लीक को लेकर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षामंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। उनकी जगह प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस बीच तीन राज्यों में अलग-अलग मामलों को लेकर शिक्षामंत्री का इस्तीफा मांगा जा रहा है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है। विपक्षी दलों (कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल) ने इस घटनाक्रम को नैतिक आधार बनाकर पंजाब में हुए पेपर लीक मामलों पर भगवंत मान सरकार को बुरी तरह घेर लिया है।
आज से मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है। सत्र 24 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस दौरान यूसीसी समेत कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करेगी। वहीं कांग्रेस कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याओं, ओबीसी आरक्षण, बिजली संकट और केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित लोगों के विस्थापन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।






















