मध्यप्रदेश में भले ही अगला विधानसभा चुनाव 2028 में होना तय है, लेकिन राज्य का राजनीतिक पारा अभी से उफान पर आ गया है। दोनों प्रमुख सियासी दल भाजपा और कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व समय से दो साल पहले ही मैदान में उतर चुका है। इंदौर, उज्जैन, बालाघाट से लेकर भोपाल तक दिग्गजों की आवाजाही और बैठकों के दौर ने साफ कर दिया है कि सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए घेराबंदी शुरू हो चुकी है।
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं। चुनाव में अभी दो वर्ष से अधिक का समय बाकी है, लेकिन कांग्रेस अभी से तैयारी में जुट गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक पखवाड़े के भीतर दूसरी बार मध्य प्रदेश आ रहे हैं। वह आज बालाघाट के बैहर विकासखंड के जागला गांव में कुपोषण, मलेरिया और खसरा से प्रभावित बैगा आदिवासी बच्चों के परिजनों से मुलाकात करेंगे।
भोपाल के टीटी नगर दशहरा मैदान में विश्व आदिवासी दिवस पर विशाल सम्मेलन आयोजित हुआ। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आदिवासी कोड की मांग उठाते हुए सरकार को घेरा।
मध्य प्रदेश 9 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस पर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग उठाई जा रही है। शुक्रवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस के आदिवासी विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में आज यानी गुरुवार को ब्रह्मकुमारी संस्था द्वारा आयोजित आध्यात्मिक जागृति द्वारा आदिवासी समाज का सशक्तीकरण महासम्मेलन का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विधिवत शुभारंभ किया। समारोह में राज्यपाल, केंद्रीय राज्यमंत्री, प्रभारी मंत्री, ब्रह्मकुमारी संस्थान के उड़ीसा प्रभारी, भोपाल जोन की क्षेत्रीय निदेशक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने मध्य प्रदेश में छात्रवृत्ति, साइकिल वितरण और जनजातीय विकास की योजनाओं को 2030-31 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है।
सतना जिले के मझगवां विकासखंड के गढ़ीघाट गांव में 2013 में स्वीकृत प्राथमिक विद्यालय को अब तक भवन नहीं मिल सका। आदिवासी छात्र महुआ के पेड़ और अब टिन शेड में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। आदिवासी कल्याण के सरकारी दावे एक बार फिर बेनकाब।



















