ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीदी को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। आज यानी मंगलवार को केंद्रीय कृषि विभाग ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश में जिन किसानों का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन बार-बार विफल हो रहा है, उनके लिए विशेष छूट दी गई है।
ग्रीष्माकलीन मूंग की खरीदी का कोटा बढ़ाने, खाद की ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करने और दस घंटे निर्बाध बिजली की आपूर्ति जैसी विभिन्न मांगों को लेकर भोपाल में डेरा जमाकर बैठे किसानों से बात कर समाधान निकालने का जिम्मा राज्य सरकार ने चार मंत्रियों को दिया है।
मध्य प्रदेश में मूंग की 100 फीसदी एमएसपी पर खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। भोपाल में डेरा डाले किसानों के बीच राज्य के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर खरीद सीमा बढ़ाने की मांग की है।
मध्यप्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी को लेकर एक बार फिर सरकार पर दबाव बढ़ने लगा है। केंद्र ने राज्य को 4.54 लाख टन मूंग खरीदी की अनुमति दी है और समर्थन मूल्य पर खरीदी जारी है। लेकिन इस बीच खुलासा हुआ है कि पिछले साल खरीदी गई साढ़े तीन लाख टन मूंग अब भी गोदामों में पड़ी है, जिसके खरीदार नहीं मिल रहे हैं।
मध्यप्रदेश में मानसून अब लगभग सक्रिय हो चुका है। इस कारण कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। वहीं मौसम विभाग ने आठ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दावा किया जा रहा है कि अगले 24 घंटे में 4 इंच से ज्यादा बारिश होगी।
मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के तहत खंडवा में आयोजित किए जा रहे बलराम कृषि महोत्सव में सोमवार को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव शामिल होंगे। पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का किसानों से वर्चुअल संवाद प्रस्तावित था, लेकिन अब वे स्वयं सोमवार को खंडवा पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होंगे ।
मध्य प्रदेश में इस बार मानसून सामान्य से कमजोर रहने की आशंका के बीच राज्य सरकार अलर्ट हो गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के बाद सरकार ने 24 जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर ली है। सबसे अधिक चिंता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह संभाग उज्जैन को लेकर है, जहां सबसे अधिक वर्षा की कमी रहने की आशंका जताई गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री चैतन्य कश्याप ने बताया कि राज्य सरकार ने शून्य प्रतिशत पर मिलने वाले कर्ज को चुकाने की अवधि को 365 दिन कर दिया है।
मध्यप्रदेश में अपने लाजवाब स्वाद के लिए प्रसिद्ध रतलाम जिले की बालम ककड़ी और रतलामी गराडू को अब राष्ट्रीय के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल गई है। इन दोनों उत्पादों को जीआई टैग मिल गया है। गराडू को मालवी गराडू के नाम से यह मान्यता मिली है।






















