PM Kisan Yojana 23rd Installment से पहले केंद्र सरकार ने प्याज का न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य (MAPP) बढ़ाकर 1,650 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। जानिए किसानों को कैसे मिलेगा इसका लाभ।
मध्यप्रदेश आत्महत्या के मामलों में देश में अव्वल है। यह हम नहीं, बल्कि एनसीआरबी द्वारा जारी 2024 की रिपोर्ट में यह चौकाना वाला खुलासा हुआ है। दावा किया गया है कि मप्र में छात्र, सरकारी कर्मचारी, किसान और गृहणियां मानसिक तनाव झेल रहे हैं और इसी के चलते वे जान दे रहे हैं।
देश में इस साल मानसून देरी से आएगा। मौसम विभाग ने आज यानी शुक्रवार को बताया कि श्रीलंका के ऊपर कम दबाव वाली तूफानी हवाओं के चलते मानसून केरलम तट से 30-35 किमी दूर 5 दिन से अटका है और अगले 2-3 दिन इसके आगे बढ़ने के आसार नहीं हैं।
महाराष्ट्र में प्याज की कीमतें ₹1/किलो से नीचे गिरने के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। अब NAFED और NCCF सीधे किसानों से 10 लाख टन तक प्याज खरीदेंगे और निर्यात पर कोई बैन नहीं लगेगा। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर अब तक 13 लाख 36 हजार किसानों से गेहूं का उपार्जन कर देश में अव्वल है। अब तक 103 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है। इसमें से 8 लाख 9 हजार 990 सीमांत और लघु कृषकों से 32 लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदी की गई है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की नई रिपोर्ट के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। रिपोर्ट में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर भी मध्य प्रदेश की स्थिति चिंताजनक है। वहीं प्रदेश में महिलाओं, खासकर गृहिणियों के बीच आत्महत्या के मामलों में बढ़ोतरी ने चिंता और बढ़ा दी है।
सीएम डॉ. मोहन यादव से आज यानी बुधवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री निवास पर सौजन्य भेंट की। इस दौरान राज्य में कृषि, किसान कल्याण, मनरेगा, और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
मध्यप्रदेश के विदिशा जिले से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। ट्रेन के सामने कूदकर एक किसान ने आत्महत्या कर ली। किसान की पहचान बेहलोट गांव के गोविंद गुर्जर के रूप में हुई है। किसान का सुसाइड से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।
मध्यप्रदेश में गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार के बीच सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त कोटा मांगा है। उम्मीद की जा रही है कि एक दो दिन में केंद्र से अनुमति मिल जाएगी।
मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम एवं वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री एक बार फिर अपने सख्त एक्शन को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, धार और खरगोन जिले के किसानों ने करेला फसल में हुए नुकसान को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से गुहार लगाई।






















