मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री चैतन्य कश्याप ने बताया कि राज्य सरकार ने शून्य प्रतिशत पर मिलने वाले कर्ज को चुकाने की अवधि को 365 दिन कर दिया है।
मध्यप्रदेश में अपने लाजवाब स्वाद के लिए प्रसिद्ध रतलाम जिले की बालम ककड़ी और रतलामी गराडू को अब राष्ट्रीय के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल गई है। इन दोनों उत्पादों को जीआई टैग मिल गया है। गराडू को मालवी गराडू के नाम से यह मान्यता मिली है।
मौसम विभाग ने दावा किया है कि एक सप्ताह के अंदर मानसून मध्यप्रदेश पहुंच जाएगा। तेलंगाना के भद्राचलम में मानसून एक सप्ताह से अटका हुआ है। इस वजह से मध्यप्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में यह लेट हो गया है।
PM Kisan Yojana 23rd Installment से पहले केंद्र सरकार ने प्याज का न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य (MAPP) बढ़ाकर 1,650 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। जानिए किसानों को कैसे मिलेगा इसका लाभ।
मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर अब तक 13 लाख 36 हजार किसानों से गेहूं का उपार्जन कर देश में अव्वल है। अब तक 103 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है। इसमें से 8 लाख 9 हजार 990 सीमांत और लघु कृषकों से 32 लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदी की गई है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की नई रिपोर्ट के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। रिपोर्ट में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर भी मध्य प्रदेश की स्थिति चिंताजनक है। वहीं प्रदेश में महिलाओं, खासकर गृहिणियों के बीच आत्महत्या के मामलों में बढ़ोतरी ने चिंता और बढ़ा दी है।
मध्यप्रदेश में गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार के बीच सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त कोटा मांगा है। उम्मीद की जा रही है कि एक दो दिन में केंद्र से अनुमति मिल जाएगी।
मध्यप्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की मार झेल रहे किसानों के हित में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। किसानों को चिंता दूर हो जाएगी। अब समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 10 अप्रैल के बजाय 9 अप्रैल से शुरू होगी यानी एक दिन पहले से एमएसपी पर गेहूं खरीदा जाएगा।
मध्यप्रदेश सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5 लाख टन अधिक है। खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होगी और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अलावा प्रति क्विंटल 40 का बोनस भी मिलेगा।






















