रीवा में मात्र 1.35 किलोग्राम वजन वाले प्रीमैच्योर नवजात को 36 दिनों के गहन उपचार के बाद नई जिंदगी मिली। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और कंगारू मदर केयर की मदद से शिशु स्वस्थ हुआ।
रीवा जिला अस्पताल के एसएनसीयू में 750 ग्राम वजन के नवजात को नई जिंदगी, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की सराहनीय सफलता।
सतना जिला अस्पताल की सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट में चूहों की धमाचौकड़ी का वीडियो वायरल हुआ है, जिससे नवजात शिशुओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं संक्रमित खून के मामले में ब्लड बैंक की जांच, अधिकारियों का निलंबन और नाको टीम की एंट्री से स्वास्थ्य व्यवस्था कटघरे में है।
सतना जिला अस्पताल में 28 वर्षीय रंजना पटेल ने सामान्य प्रसव से अलग-अलग समयांतराल में तीन बच्चों को जन्म देकर नया रिकॉर्ड बनाया। कम वजन के कारण तीनों नवजातों को एसएनसीयू में भर्ती कराया गया है, जबकि मां स्वस्थ है। 21 नवम्बर को हुई इस डिलेवरी में चिकित्सकों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मध्यप्रदेश के पिछड़े जिले पन्ना में 800 ग्राम वजन और 26 सप्ताह की गर्भावस्था में जन्मे शिशु को जिला अस्पताल की एसएनसीयू टीम ने डेढ़ महीने की गहन देखभाल और आधुनिक उपकरणों की मदद से पूरी तरह स्वस्थ किया। नि:शुल्क उपचार से पन्ना की स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता और मानव-समर्पण का उदाहरण सामने आया।
सतना जिला अस्पताल में 9 जुलाई को भर्ती कराए गए जुड़वा नवजातों की इलाज के दौरान भूख और कुपोषण से मौत हो गई। मां अंचल शुक्ला अस्पताल में भर्ती के बाद रहस्यमय तरीके से लापता रही, जिससे बच्चों को मां का दूध भी नहीं मिल सका। दो दिन तक शव बिना परिजनों के मर्चुरी में रखे रहे।


















