सतना जिला अस्पताल की पहली मंजिल पर एक साल पहले लगी टाइल्स उखड़ने लगी हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के चेवेल्ला इलाके में बीती देर रात एक तेज रफ्तार फोर्ड ईकोस्पोर्ट कार डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में चार छात्रों की मौत हो गई। हादसे में एक छात्रा घायल है, जिसकी हालत गंभीर है। मृतकों के शव चेवेल्ला सरकारी अस्पताल में पीएम के लिए भेज दिए गए हैं।
यह रिपोर्ट ब्राजील के बेलेम शहर में आयोजित कॉप 30 सम्मेलन में जारी की गई। इसमें कहा गया कि भारत में लगातार बढ़ती बाढ़, चक्रवात, सूखा और भीषण गर्मी जैसी घटनाएं जलवायु परिवर्तन के गंभीर असर को रेखांकित करती हैं।
भारत इन दिनों बाढ़ का बड़ा केंद्र बना है। देश का 10 फीसदी हिस्सा बाढ़ की चपेट में है। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और पंजाब में लोग सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहे हैं। वहीं बारिश पूर्व किए गए तमाम दावे खोंखले साबित हो रहे हैं। जलभराव के आगे सब बेबस हो गए हैं। पुलिस, प्रशासन और सेना राहत कार्य में जुटी है।
राजस्थान में बीते तीन तीन से तेज बारिश हो रही है। कई शहरों, गांवों और कस्बों में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं। जयपुर, अलवर, दौसा समेत 8 जिलों में मंगलवार को स्कूल की छुट्टी कर दी गई है। चूरू, नागौर और जालोर की कई कॉलोनियों में दो से तीन फीट पानी भर गया है। उदयपुर में घर-दुकानें डूब गई हैं।
झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना बाल-बाल बची हैं। उनकी गाड़ी में डंपर ने जोरदार टक्कर मारी है। झाबुआ स्थित बंगले के बाहर ही डंपर ने टक्कर मार दी है। गनीमत रही कि कलेक्टर मैडम को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। वहीं, गाड़ी को जबरदस्त नुकसान हुआ है। टक्कर के बाद कलेक्टर मैडम की गाड़ी डिवाइडर पर चढ़ गई है।
पन्ना के सोनू विश्वकर्मा कुंवरपुर नाले के तेज बहाव में बह गए, उनकी बाइक बरामद कर ली गई है लेकिन युवक का अब तक सुराग नहीं लग पाया। वहीं अजयगढ़ में तेज बारिश से बगराजन देवी मंदिर के पास सीसी सड़क भी बह गई, जिससे जनजीवन प्रभावित है।
भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) की साइटोजेनेटिक लैब इंडियन बायोडोसिमीट्री नेटवर्क (IN-BioDoS) में शामिल हो गई है। यह उपलब्धि BMHRC को मध्य भारत का पहला और इकलौता संस्थान बनाती है जो रेडिएशन आपदा की स्थिति में वैज्ञानिक आकलन और सटीक इलाज में मदद करेगा। जानें कैसे काम करेगा यह महत्वपूर्ण नेटवर्क।
पन्ना जिले में करोड़ों की लागत से बना सिमरी-सूरत बांध दबंगों द्वारा जेसीबी मशीन से तोड़ दिया गया। किसानों का आरोप है कि मुआवजा प्राप्त जमींदारों ने निजी स्वार्थ में बांध को नुकसान पहुंचाया। प्रशासनिक निष्क्रियता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।





















