इंदौर में सीलिंग एक्ट को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका। याचिकाकर्ता का आरोप- वर्ष 2000 में खत्म हो चुके कानून के नाम पर अधिकारी कर रहे मनमानी। जानें पूरा मामला।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एंबुलेंस की देरी पर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने ओला-उबर की तरह एंबुलेंस की रियल टाइम उपलब्धता और हाईवे के 300 अवैध कट हटाने पर जवाब मांगा है।
मध्य प्रदेश नर्सिंग घोटाले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने GNM प्रथम वर्ष के रिजल्ट पर रोक लगाते हुए नर्सिंग काउंसिल से कॉलेजों के संसाधनों की पूरी रिपोर्ट मांगी है।
अमदरा के ग्राम खेरवाकला मोड़ पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज में गंभीर तकनीकी खामियां सामने आई हैं। एसडीओ और पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट ने अनियमितताओं की पुष्टि की है। विधायक, अधिवक्ता और स्थानीय लोगों ने जांच, निर्माण रोकने और पुनः सही डिजाइन से कार्य कराने की मांग उठाई है।
मंगलवार को सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, निवेश बढ़ाने, सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की।
कटनी जिले की बरही तहसील के 3 गांवों (करौंदी खुर्द, कन्नौर, बिचपुरा) की एकमात्र सड़क कलेक्टर द्वारा ठेकेदार को महज ₹300 वार्षिक किराए पर डंपिंग के लिए देने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट की सख्ती के बाद कलेक्टर और ठेकेदार व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए और कोर्ट ने तत्काल रास्ता खोलने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षकों की ई-अटेंडेंस के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज की। अब सभी सरकारी शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। जानें कोर्ट के फैसले का कारण।
दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेता परेश रावल की फिल्म 'द ताज स्टोरी' की रिलीज रोकने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। अदालत ने CBFC के निर्णय में हस्तक्षेप से इनकार किया। फिल्म 31 अक्टूबर को रिलीज होगी।
मध्य प्रदेश में 2017 से छात्र संघ चुनाव न होने पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। कोर्ट ने उच्च शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद भी कार्रवाई न होने पर राज्य सरकार से 2 सप्ताह में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी।
मध्य प्रदेश में दूषित 'कोल्ड्रिफ' कफ सिरप से 16 बच्चों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट में PIL दायर की गई। वकील विशाल तिवारी ने CBI जांच, सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में न्यायिक आयोग के गठन और ड्रग रेगुलेशन में सुधार की मांग की। जानें अब तक की कार्रवाई।



















