ब्योहारी रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत करोड़ों की लागत से किए गए निर्माण कार्यों की पोल खुलने लगी है। दो महीने पहले बने रेलवे क्वार्टर और अन्य भवनों में बड़ी दरारें पड़ गईं। घटिया सामग्री और ठेकेदारों की मनमानी से स्टेशन परिसर जर्जर होने लगा है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
रीवा के 150 करोड़ के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक्स-रे विभाग की दीवार और पिलर में दरार आ गई है। पहले से ही सीवेज, सीपेज और फॉल सीलिंग गिरने जैसी खामियों से घिरे इस अस्पताल की गुणवत्ता पर फिर सवाल उठे हैं। पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से मरीजों की जान पर संकट।
गड़बड़ी छिपाने में लीपापोती: सतना में सीवर लाइन और नारायण तालाब सौंदर्यीकरण में घटिया काम उजागर
सतना के नारायण तालाब की बाउंड्री वॉल और पानी निकासी पुलिया में दरारें सामने आई हैं। पिछले साल भारी जलभराव की चपेट में आई उतैली बस्ती एक बार फिर खतरे में है। 4 करोड़ की लागत से हो रहे निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी और तय समय सीमा के बाद भी अधूरा कार्य स्थानीय प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
सतना शहर के वार्ड क्रमांक 10 में बनी सीमेंटेड सड़क मात्र 7-8 महीनों में दरक गई। गुणवत्ता विहीन निर्माण को लेकर सवाल उठे हैं। जिम्मेदारों ने लापरवाही छिपाने के लिए दरारों पर सीमेंट का लेप भरवाया, पर सड़क की मजबूती अब संदेह में है।


















