आर्टेमिस-2 ने 4,06,773 किमी की दूरी तय कर इतिहास रच दिया है। जानें 7 अप्रैल 2026 को होने वाले इस लूनर फ्लाईबाई और स्पेसएक्स के स्टारशिप लैंडर के बारे में पूरी जानकारी।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने घोषणा की है कि अंतरिक्ष पर मौजूद कुछ अंतरिक्षयात्री एक स्वास्थ्य समस्या की वजह से जल्दी पृथ्वी पर लौटेंगे। यह अंतरिक्ष के इतिहास में पहली बार ऐसा नियोजित मेडिकल इवैक्यूएशन है। एस्ट्रोनॉट स्थिर है, लेकिन नासा ने फैसला लिया है कि जोखिम से बचने के लिए उन्हें वापस लाना बेहतर है।
भोपाल के नेहरू नगर में 45 वर्षीय एमबीए युवक आयुष मेहता ने मानसिक संतुलन बिगड़ने के कारण आत्महत्या कर ली। वह लंबे समय से अंतरिक्ष और नासा जाने की बातें कर रहा था।
आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में शाम 5:40 बजे निसार को जीएसएलवी-एस16 रॉकेट के जरिये लॉन्च किया जाएगा। यह पहला ऐसा मिशन है जिसमें पहली बार किसी जीएसएलवी रॉकेट के जरिये ऐसे उपग्रह को सन-सिंक्रोनस आर्बिट (सूर्य-स्थिर कक्ष) में स्थापित किया जाएगा।
इसरो और नासा के एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में गए शुभांशु शुक्ला अपने सभी साथियों के साथ आज रवाना होंगे। शुभांशु का स्पेसक्राफ्ट धरती के लिए उड़ान भरेगा। हालांकि, अंतरिक्ष को अलविदा कहने से पहले शुभांशु ने सभी क्रू मेंबरों के साथ फोटो सेशन में हिस्सा लिया है।
नासा ने घोषणा की है कि वह आईएसएस से एक्सियम-4 मिशनके प्रस्थान और पृथ्वी पर वापसी का सीधा प्रसारण करेगा। यह मिशन एक निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन है, जिसमें भारत के शुभांशु समेत 4 अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। पृथ्वी वापसी के बाद यह यान कैलिफोर्निया तट के पास सागर में लैंड करेगा।
अंतरिक्ष में जाने वाले भारत के शुभांशु शुक्ला के लौटने की राह पूरा देश देख रहा है। शुभांशु इस समय इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में हैं, जहां पहुंचने वाले वे पहले भारतीय बने हैं। शुभांशु और उनके साथियों को 14 दिन तक रहना था। उनकी यह मियाद पूरी होने वाली है।



















