चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है। इस वर्ष माता का आगमन विशेष शुभ योगों में हो रहा है। जानें कलश स्थापना का सही समय, पूजा विधि और इस नवरात्रि का धार्मिक महत्व।
अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार पदस्थापना आदेश के बावजूद सुरेन्द्र सिंह परिहार ने चार माह से वित्त संबंधी फाइलों का निपटारा जारी रखा, प्रभार नीरजा नामदेव को नहीं सौंपा गया।
पन्ना के ऐतिहासिक महेन्द्र भवन पैलेस को हेरिटेज होटल में बदलने की प्रक्रिया के बीच परिसर के बाहर वर्षों से संचालित दुकानों पर संकट गहरा गया है। प्रशासनिक निर्देशों से सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में आगामी सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों को देखते हुए 5,000 नए होमगार्ड की भर्ती की जाएगी। यह घोषणा आज यानी शनिवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आयोजित होमगार्ड स्थापना दिवस के अवसर पर की।
भारत में कुल प्रजनन दर (टीएफआर) में गिरावट के कारण वर्ष 2080 तक देश की आबादी 1.8 या 1.9 अरब पर स्थिर होने की उम्मीद है। वर्तमान में टीएफआर 1.9 है, जो प्रतिस्थापन स्तर से कम है। भारत तेजी से जनसांख्यिकीय परिवर्तन से गुजर रहा है, जहां पिछले दो दशकों में जन्म दर में तीव्र गिरावट आई है।
मध्यप्रदेश नई उमंग, नई तरंग और नई उड़ानों के लिए पूरी तरह से तैयार है, और विरासत से विकास की इस यात्रा को सभी के सामूहिक प्रयास से साकार किया जाएगा। बीते दो वर्षों में राज्य ने असंभव माने जाने वाले अनेक विकास कार्यों को पूरा किया है।
केरल राज्य अब बहुत ज्यादा गरीबी से मुक्त हो गया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ विपक्ष ने इस दावे को धोखाधड़ी बताते हुए सत्र का बहिष्कार किया। विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया और सरकार पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया।
मध्य प्रदेश अपनी स्थापना के सत्तर वर्ष पूर्ण कर रहा है। एक ऐसी यात्रा जिसके प्रत्येक अध्याय में समय का मौन इतिहास छिपा है। देवउठनी एकादशी के इस पवित्र दिवस पर जब राज्य अपनी आयु का यह महत्वपूर्ण पर्व मना रहा है, तब यह प्रश्न अनायास ही उठ खड़ा होता है कि क्या हमने अपनी विराट विरासत को उसी श्रद्धा और विश्वास से देखा, जैसा वह देखे जाने की पात्र है? यह प्रश्न केवल संस्कृति का नहीं, आत्मबोध का है।
मध्यप्रदेश अपनी स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहा है। सभी नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएं। प्रदेश के नागरिकों के लिए यह शुभ अवसर है। उत्साह और उल्लास के साथ यह अवसर प्रदेश की उपलब्धियों पर गर्व करने का है। आज उन सभी महान विभूतियों को याद करने का भी अवसर है, जिन्होंने मध्यप्रदेश के निर्माण में अपना योगदान दिया। आज हम इस बात को दृढ़ आत्मविश्वास के साथ कह सकते हैं कि मध्यप्रदेश अब पूरी तरह से बदल चुका है।






















