विश्व जूनोसिस दिवस पर विशेषज्ञों ने रेबीज सहित जूनोटिक रोगों के बढ़ते खतरे को लेकर चेताया। पशुओं के नियमित टीकाकरण, स्वच्छता और समय पर उपचार को संक्रमण रोकने का प्रभावी उपाय बताया गया।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जूनोटिक बीमारियां पिछले कुछ वर्षों से काफी बढ़ गई हैं। यह महामारी की रूप ले रही हैं और इंसानों और पशु पक्षियों की मौत का कारण बन रही हैं। कुछ बीमारियां ऐसी होती है जो पशुओं से इंसानों और इंसानों से पशुओं में फौलती है। इन रोगों को लेकर ज्यादातर लोग जागरूक नहीं होते है। लापरवाहीं के कारण कई बार संक्रमण से पीड़ित हो जाते हैं। इससे बचाव के लिए जागरुकता एवं टीकाकरण आवश्यक है। विश्व जूनोसिस दिवस 6 जुलाई को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य जानवरों से इंसानों में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों (जूनोटिक रोगों) के खतरों और उनके बचाव के बारे में लोगों को जागरूक करना है। जूनोटिक बीमारियों में पालतू एवं जंगली जानवर दोनों शामिल हैं।
रेबीज से टीकाकरण ही बचाव : विश्व जूनोसिस दिवस पर जिला पशु चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. बृहस्पति भारती ने जुनोटिक बीमारियों में रेबीज, स्वाइन फ्लू और बर्ड फ्लू एवं ब्रूसीलोसिस जैसी बीमारियां शामिल हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार इंसानों में होने वाले सभी ज्ञात संक्रामक रोगों का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा जूनोटिक होता है। जीतनी भी नई बीमारिया हो रही हैं लगभग 60 प्रतिशत जूनोटिक होती है और लगभग 70 प्रतिशत जंगली जानवरो का योगदान होता हैं। प्रदेश में वाइल्ड लाइफ डाइवर्सिटी बहुत हैं इसलिए जूनोटिक बीमारी का खतरा बढ़ जाता हैं। उन्होंने बताया कि रेबीज एक ऐसी बीमारी है जो सौ घातक है और 100 प्रतिशत समाप्त भी की जा सकती है, बशर्ते समय पर टीकाकरण और उपचार कराया जाए। उन्होंने बताया कि भारत में हर वर्ष करीब 1.7 करोड़ लोगों को जानवर काटते हैं, जिनमें 96 प्रतिशत मामले आवारा कुत्तों सहित अन्य आवारा जानवरों के होते हैं। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि दुनिया में हर 9 मिनट में एक व्यक्ति की मौत रेबीज से हो जाती है।
ये बताए बचाव के उपाय
डॉ. भारती ने कहा कि रेबीज से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका कुत्तों और बिल्लियों का नियमित टीकाकरण, काटने की स्थिति में घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से धोना तथा बिना देर किए एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाना है। उन्होंने ‘रेबीज फ्री सिटी इनिशिएटिव’और ‘रेबीज फ्री इंडिया-2030’ अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कुत्तों के सामूहिक टीकाकरण की आवश्यकता बताई।
आज लगेगा फ्री कैंप
विश्व जूनोसिस दिवस पर पुराना पावर हाउस के पास में पालतू पशुओं के हेल्थ चेकअप एवं नि:शुल्क टीकाकरण का कार्यक्रम एक निजी एनजीओ एवं डॉ. बृहस्पति भारती के सहयोग से आयोजित करवाया जाएगा। कैंप सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगे। इस दौरान कुत्तों और बिल्लियों का टीकाकरण किया जाएगा।
जूनोटिक बीमारियों के फैलने के प्रमुख कारण
क्लाइमेट चेंज, डिमांड एनिमल प्रोटीन,वाइल्ड लाइफ ओवर एक्सप्लोइटेशन, मच्छर और कीड़े,जंगल की कटाई, दूषित भोजन और पानी, जानवरों से सीधा संपर्क आदि।
जानवरों से इंसानों में फैलने वाली प्रमुख बीमारियां
जुनोटिक बीमारियां पशुओं से इंसानों में फैलती है। इसके लिए पशुओं के संपर्क में आने पर सर्तकता बरतें। समय-समय पर टीकाकरण एवं जागरूकता ही बचाव है।
डॉ. बृहस्पति भारती, प्रभारी, जिला पशु चिकित्सालय

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