मध्यप्रदेश में दूषित पानी से मौतों और जल जनित बीमारियों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इंदौर के बाणगंगा और स्नेह नगर क्षेत्र में पाइपलाइन में नाले का पानी मिलने से हुए जल संकट और मौतों की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब बालाघाट जिले से बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है।

पेयजल योजना अधर में लटकी दिखाई दे रही
झिरिया के पानी से प्यास बुझाने को मजबूर लोग

बालाघाट। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में दूषित पानी से मौतों और जल जनित बीमारियों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इंदौर के बाणगंगा और स्नेह नगर क्षेत्र में पाइपलाइन में नाले का पानी मिलने से हुए जल संकट और मौतों की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब बालाघाट जिले से बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इंदौर में जर्जर पाइपलाइनों और प्रशासनिक लापरवाही ने जहां शहरी आबादी की सांसें अटका दीं। वहीं बालाघाट के आदिवासी अंचल में सरकारी तंत्र की अनदेखी ने ढाई महीने के भीतर 21 मासूम बच्चों की जान ले ली है। इंदौर से लेकर बालाघाट तक, पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी) विभाग की नाकामी और जल जीवन मिशन के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है।

झिरिया का दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड की अडोरी और मछुरदा पंचायत के बैगा बाहुल गांवों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। विभागीय उदासीनता और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां नल-जल योजना अधर में लटकी है। 10-12 गांवों के बीच महज 6-7 हैंडपंप हैं, जिनमें से ज्यादातर खराब पड़े हैं।
21 बच्चों की मौत के बाद जागी सरकार
अडोरी पंचायत के सरपंच परशराम धुर्वे के अनुसार, बार-बार आवेदन देने और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बावजूद हैंडपंप नहीं सुधारे गए। मजबूरन बैगा-आदिवासी ग्रामीण झिरिया (छोटे गड्ढे) और नदी-तालाब का दूषित पानी पीने लगे। पिछले ढाई महीने में 21 बच्चों की मौत के बाद मचे हाहाकार के बाद आखिरकार पीएचई विभाग की नींद खुली और अब गांव-गांव जाकर क्लोरिनेशन व हैंडपंप सफाई का काम शुरू किया गया है।
पानी में एडिनोवायरस का खतरा
प्रभावित क्षेत्रों में आईसीएमआर की टीम ने पानी के नमूने लिए थे, जिसमें विशेषज्ञों को एडिनोवायरस मिलने की बात सामने आई है। यह वायरस दूषित पानी से फैलता है और पेट व आंतों में गंभीर संक्रमण पैदा करता है।
4 करोड़ का बजट फिर भी प्यासे गांव
जल जीवन मिशन के तहत क्षेत्र में 4 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का दावा है, लेकिन धरातल पर न पानी की टंकियां बनी हैं और न ही पाइपलाइन सही ढंग से बिछाई गई है।
इंदौर और बालाघाट की त्रासदी एक जैसी
इंदौर में सीवरेज का पानी पेयजल में मिलने से शहर के लोग बीमार पड़े, तो बालाघाट में नल-जल योजना का काम अधूरा रहने से ग्रामीण गंदा पानी पीने को विवश हुए। दोनों ही घटनाएं यह साबित करती हैं कि चाहे शहर हो या गांव, पीएचई विभाग और जिम्मेदार एजेंसियां केवल हादसे और मौतों के बाद ही एक्शन में आती हैं।
यह भी पढ़िए...
मध्यप्रदेश में दूषित पानी पर बड़ा फैसला: अब हर कुएं, तालाब और बोरिंग का बनेगा ‘हेल्थ रिपोर्ट कार्ड’
मझगवां में जलसंकट गहराया, दूषित पानी पीने को मजबूर आदिवासी बस्तियों के लोग
नल-जल योजना फेल, आदिवासी गांव मुहेर में दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
मध्यप्रदेश विधानसभा: मंत्री ने स्वीकारा-दूषित पानी से सिर्फ 20 लोगों की मौत


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
उज्जैन के कायाकल्प और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कंठाल चौराहे से लेकर सती गेट और छोटा सराफा तक मार्ग चौड़ीकरण कार्य का जायजा लिया, जो आगामी शाही सवारी का प्रमुख मार्ग भी है।
मध्य प्रदेश में मानसून के पुन: सक्रिय होने से विंध्य और महाकोशल अंचल समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में स्थिति चिंताजनक बन गई है। मूसलाधार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई इलाके जलमग्न हो गए हैं और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है।
मध्यप्रदेश में दूषित पानी से मौतों और जल जनित बीमारियों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इंदौर के बाणगंगा और स्नेह नगर क्षेत्र में पाइपलाइन में नाले का पानी मिलने से हुए जल संकट और मौतों की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब बालाघाट जिले से बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है।
शराबबंदी वाले राज्य गुजरात में जहरीली शराब पीने से एक बड़ा हादसा हो गया है। भावनगर जिले में नकली शराब के सेवन से मुरैना (मध्यप्रदेश) के एक युवक सहित नौ लोगों की जान चली गई, जबकि 41 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से 7 मरीजों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार को मैहर प्रवास पर रहेंगे। मां शारदा दर्शन के बाद राज्यस्तरीय कार्यक्रम में लाड़ली बहनों को संबोधित करेंगे और विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण करेंगे।
कोटर में तीन साल से 30 बिस्तरों का अस्पताल अधूरा पड़ा है। पुराने पीएचसी में रखे लाखों के उपकरण बारिश के पानी में डूब गए, जबकि नई स्वास्थ्य सुविधा शुरू होने का इंतजार जारी है।
सतना-मैहर में स्वास्थ्य विभाग के सीएचओ का टीडीएस जमा नहीं होने से कर्मचारी परेशान हैं। कलेक्टर ने एक सप्ताह में समाधान के निर्देश दिए, विभाग ने 50 कर्मियों की समस्या बताई।
निजी स्कूलों की मान्यता के नियम हुए सख्त, निरीक्षण समिति करेगी निगरानी, कमियों पर दो लाख तक जुर्माना और मान्यता रद्द करने का प्रावधान
भोपाल नगर निगम परिषद की ISBT मीटिंग हॉल में हुई बैठक में टैक्स बढ़ाने और मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष और पार्षदों ने शहर की समस्याओं पर उठाए सवाल।
भोपाल के कमला नगर स्थित सीएसडी कैंप डिपो में एसएसबी जवान संदीप खरमटे ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की। मराठी में मिला सुसाइड नोट, पुलिस जांच में जुटी