मध्यप्रदेश सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई 35 लोगों की मौत के बाद मध्य प्रदेश सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पूरे प्रदेश में जल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। सभी जल स्रोतों की जियो टैगिंग की जाएगी ताकि उनकी लोकेशन और स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड रहे।

इंदौर हादसे सबक: 35 मौतों के बाद जागा प्रशासन
प्रदेश के 55 जिलों के पर्यावरण प्लान में संशोधन
अब एप के जरिए होगी गंदे पानी की सीधी शिकायत
इंदौर में बनेगी पहली वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग सेल

इंदौर। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई 35 लोगों की मौत के बाद मध्य प्रदेश सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पूरे प्रदेश में जल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। भागीरथपुरा हादसे की जांच रिपोर्ट को आधार बनाते हुए अब राज्य के सभी 55 जिलों के डिस्ट्रिक्ट एनवायरनमेंट प्लान में ऐतिहासिक बदलाव किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब प्रदेश के हर छोटे-बड़े जल स्रोत (बोरिंग, कुएं, तालाब, बावड़ी) का बाकायदा हेल्थ रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। प्रदूषण की स्थिति पर 24 घंटे नजर रखने के लिए सबसे पहले इंदौर में एक विशेष वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग सेल गठित की जा रही है। यह सेल जिले की नदियों, नालों, कुओं और तालाबों के पानी की नियमित सैंपलिंग और जांच करेगी। सभी जल स्रोतों की जियो टैगिंग की जाएगी ताकि उनकी लोकेशन और स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड रहे।
| प्रमुख क्षेत्र | क्या होगा नया बदलाव |
| हेल्थ रिपोर्ट कार्ड | PHE, नगर निगम और प्रदूषण बोर्ड मिलकर हर जल स्रोत का क्वालिटी कार्ड बनाएंगे। |
| हॉट-स्पॉट पहचान | कान्ह और सरस्वती नदी जैसे सबसे ज्यादा प्रदूषित क्षेत्रों को चिन्हित कर विशेष सफाई होगी। |
| ऑनलाइन निगरानी | दूषित पानी वाले इलाकों में ऑनलाइन मॉनिटरिंग सेंसर्स और गति बढ़ाई जाएगी। |
| अतिक्रमण व कचरा | जल स्रोतों को अवैध कब्जों और कचरे से मुक्त रखने के लिए कड़े नियम लागू होंगे। |
| वाटर रिचार्जिंग | वर्षा जल संचयन और भू-जल रिचार्जिंग पर अनिवार्य जोर दिया जाएगा। |
नौ बिंदुओं पर चलेगा अभियान
जल संरक्षण और शुद्धता के लिए 9 प्रमुख बिंदुओं पर एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है, जिसे अगले 12 से 24 महीनों में पूरे मध्य प्रदेश में लागू किया जाएगा। इसमें सतही जल, भू-जल के साथ पारंपरिक बावड़ियों की सफाई और सीवरेज ट्रीटमेंट पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा।
इस लिए पड़ी सख्त कदम की जरूरत
जांच समिति की रिपोर्ट में भागीरथपुरा घटना को जल-जनित महामारी माना गया है। जांच के दौरान पानी के सैंपलों में जानलेवा ई-कोलाई बैक्टीरिया और अन्य खतरनाक तत्व मिले थे। इसी रिपोर्ट के आधार पर शासन ने सभी जिलों से जवाब मांगा है कि पेयजल में सीवरेज का गंदा पानी मिलने से रोकने के लिए क्या पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
शिकायत के लिए ऐप की व्यवस्था
अब आम नागरिक भी दूषित पानी या जल प्रदूषण से जुड़ी शिकायतें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ईवन एलर्ट एप और आनलाइन पोर्टल पर दर्ज करा सकेंगे, जिस पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
यह भी पढ़िए...
इंदौर भागीरथपुरा जल कांड: 29 मौतें और सिस्टम की नाकामी, जानें अब तक की पूरी रिपोर्ट
इंदौर के भागीरथपुरा में डायरिया का कहर: दूषित पानी से 150 से अधिक बीमार, एक बुजुर्ग की मौत


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में मानसून के पुन: सक्रिय होने से विंध्य और महाकोशल अंचल समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में स्थिति चिंताजनक बन गई है। मूसलाधार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई इलाके जलमग्न हो गए हैं और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है।
मध्यप्रदेश में दूषित पानी से मौतों और जल जनित बीमारियों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इंदौर के बाणगंगा और स्नेह नगर क्षेत्र में पाइपलाइन में नाले का पानी मिलने से हुए जल संकट और मौतों की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब बालाघाट जिले से बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है।
शराबबंदी वाले राज्य गुजरात में जहरीली शराब पीने से एक बड़ा हादसा हो गया है। भावनगर जिले में नकली शराब के सेवन से मुरैना (मध्यप्रदेश) के एक युवक सहित नौ लोगों की जान चली गई, जबकि 41 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से 7 मरीजों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार को मैहर प्रवास पर रहेंगे। मां शारदा दर्शन के बाद राज्यस्तरीय कार्यक्रम में लाड़ली बहनों को संबोधित करेंगे और विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण करेंगे।
कोटर में तीन साल से 30 बिस्तरों का अस्पताल अधूरा पड़ा है। पुराने पीएचसी में रखे लाखों के उपकरण बारिश के पानी में डूब गए, जबकि नई स्वास्थ्य सुविधा शुरू होने का इंतजार जारी है।
सतना-मैहर में स्वास्थ्य विभाग के सीएचओ का टीडीएस जमा नहीं होने से कर्मचारी परेशान हैं। कलेक्टर ने एक सप्ताह में समाधान के निर्देश दिए, विभाग ने 50 कर्मियों की समस्या बताई।
निजी स्कूलों की मान्यता के नियम हुए सख्त, निरीक्षण समिति करेगी निगरानी, कमियों पर दो लाख तक जुर्माना और मान्यता रद्द करने का प्रावधान
भोपाल नगर निगम परिषद की ISBT मीटिंग हॉल में हुई बैठक में टैक्स बढ़ाने और मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष और पार्षदों ने शहर की समस्याओं पर उठाए सवाल।
भोपाल के कमला नगर स्थित सीएसडी कैंप डिपो में एसएसबी जवान संदीप खरमटे ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की। मराठी में मिला सुसाइड नोट, पुलिस जांच में जुटी
मध्य प्रदेश में नर्सिंग छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी। B.Sc. Nursing और GNM के छात्र-छात्राएं परीक्षा, डिग्री और रजिस्ट्रेशन में देरी के खिलाफ सीएम हाउस का घेराव करने पहुंचे।