हाल ही में जारी सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में शिशु मृत्यु दर में लगातार सुधार हो रहा है। 2019 में जहां यह दर 30 थी, वहीं अब घटकर 24 पर आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, अलग-अलग राज्यों के बीच शिशु मृत्यु दर में काफी बड़ा अंतर देखा गया है।

भारत में शिशु मृत्यु दर 30 से घटकर अब 24 पर आ गई
शहर की तुलना में गांवों में शिशु मृत्यु दर में ज्यादा सुधार
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
हाल ही में जारी सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में शिशु मृत्यु दर में लगातार सुधार हो रहा है। 2019 में जहां यह दर 30 थी, वहीं अब घटकर 24 पर आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, अलग-अलग राज्यों के बीच शिशु मृत्यु दर में काफी बड़ा अंतर देखा गया है। केरलम में शिशु मृत्यु दर देश में सबसे कम यानी मात्र 8 दर्ज की गई है, जिसके बाद हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और दिल्ली का नंबर आता है, जहां यह आंकड़ा 11 है। दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ में शिशु मृत्यु दर देश में सबसे अधिक 36 है और इसके ठीक बाद उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश का स्थान है, जहां आंकड़ा 35 बना हुआ है।
शहर- गांव की जमीनी हकीकत
शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में शिशु मृत्यु दर में थोड़ा ज्यादा सुधार हुआ है। ग्रामीण आईएमआर में जहां 36 फीसदी की कमी आई है। वहीं शहरी इलाकों में गिरावट 35 प्रतिशत रही है। हालांकि, इस सुधार के बाद भी जमीनी हकीकत अब भी चिंताजनक है, क्योंकि आज भी राष्ट्रीय स्तर पर हर 42 में से एक शिशु, ग्रामीण क्षेत्रों में हर 37 में से एक शिशु और शहरी क्षेत्रों में हर 59 में से एक शिशु अपने जीवन का पहला साल पूरा करने से पहले ही दम तोड़ देता है।
संस्थागत प्रसव का असर
शिशु मृत्यु दर में आई कमी की सबसे बड़ी वजह अस्पतालों और मेडिकल सेंटरों में होने वाले प्रसव में आया उछाल है। 2019 में जहां केवल 83 फीसदी से कम माताओं को डिलीवरी के समय अस्पतालों में चिकित्सा सहायता मिल पाती थी, वहीं 2024 में आंकड़ा बढ़कर 95 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। हालांकि, छत्तीसगढ़ का आंकड़ा यह साबित करता है कि सिर्फ अस्पतालों में डिलीवरी बढ़ाना ही काफी नहीं है, क्योंकि वहां संस्थागत प्रसव 2019 के 77 प्रतिशत से बढ़कर 2024 में 97 फीसदी तक पहुंच गया, लेकिन इसके बावजूद वहां मौतों का आंकड़ा अब भी सबसे ज्यादा है।
जम्मू-कश्मीर की बड़ी कामयाबी
2012-14 से 2022-24 के बीच जम्मू-कश्मीर ने सबसे बेहतरीन सुधार दिखाते हुए शिशु मृत्यु दर में 62.7 फीसदी की भारी कमी दर्ज की है, जहां आंकड़ा 37 से घटकर 14 पर आ गया। इसके विपरीत, इस अवधि में छत्तीसगढ़ में सबसे धीमी रफ्तार रही और वहां सिर्फ 18.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। राष्ट्रीय स्तर पर भारत ने इस दशक में अपनी शिशु मृत्यु दर को 37.4 फीसदी तक कम किया है, जो पिछले दशक (2002-04 से 2012-14) की तुलना में बेहतर है, जब यह दर 33.2 प्रतिशत गिरी थी।
बिहार में बड़ा जेंडर गैप
कई राज्यों में ग्रामीण और शहरी इलाकों के साथ-साथ लड़के और लड़कियों की मृत्यु दर में भी बड़ा अंतर है। असम में यह अंतर सबसे ज्यादा है, जहां ग्रामीण इलाकों में आईएमआर 31 है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह महज 14 है। वहीं बड़े राज्यों में बिहार में लड़के और लड़कियों के बीच सबसे ज्यादा अंतर देखा गया, जहां लड़कों की शिशु मृत्यु दर 21 है, जबकि लड़कियों के लिए यह आंकड़ा 25 है। इसके विपरीत, जम्मू-कश्मीर में लड़कों की मृत्यु दर (16) लड़कियों (12) की तुलना में अधिक दर्ज की गई।
नवजात मृत्यु दर सबसे बड़ी चुनौती
चिंता की बात यह है कि भारत में होने वाली कुल शिशु मौतों में से लगभग 73 फीसदी मौतें इसी शुरुआती अवधि में हो जाती हैं, जो साल 2014 के 67.6 प्रतिशत के मुकाबले बढ़ गई हैं। वर्तमान में भारत का कुल एनएमआर प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 18 है, जिसमें केरल 6 मौतों के साथ सबसे बेहतर स्थिति में है, जबकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ 26 मौतों के साथ सबसे आगे और उत्तर प्रदेश 25 मौतों के साथ इसके ठीक पीछे खड़ा है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी। डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और थलपति विजय समेत 52 नेताओं को आमंत्रित किया है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 1996 के श्रीनगर हिंसा मामले में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के 6 नेताओं पर चार्जशीट दाखिल की है।
एक खास चर्चा के दौरान शेख हसीना ने कहा कि वह अपने वरिष्ठ पार्टी सहयोगियों के साथ दिसंबर के आसपास भारत में अपना निर्वासन खत्म कर स्वदेश लौटेंगी और अदालत में आत्मसमर्पण करेंगी।
केंद्र सरकार के तमाम दावों के बाद भी देश की स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। एम्स जैसे संस्थानों में मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। इससे सवाल उठना लाजमी है। दरअसल, देश की राजधानी दिल्ली स्थित एम्स में इलाज कराने वाले मरीजों को सर्जरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने AGMUT कैडर के 61 वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारियों का तबादला किया है। देखें दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल की पूरी जानकारी।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरी ने चंपत राय से मिलकर अटकलों पर विराम लगाया। वहीं, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की पूछताछ में आरोपियों के धन शोधन के नए तरीके सामने आए।
शरद पवार द्वारा एकनाथ शिंदे के कार्यालय में बैठक करने पर संजय राउत ने सवाल उठाए हैं। राउत ने इसे 'गद्दारी' को बढ़ावा देना बताया, लेकिन पवार की विचारधारा पर भरोसा जताया। जानें पूरा मामला।
कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में एक भीषण सड़क हादसा हो गया। आधी रात एक कार की लॉरी से आमने-सामने की टक्कर में सात लोगों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। कार में ड्राइवर समेत नौ लोग सवार थे। वे धारवाड़ से धर्मस्थल और चिकमगलूर की यात्रा पर जा रहे थे।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा। पुलिस ने आरोपियों से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की फर्जी रसीद बुक बरामद की है। वहीं, SIT ने प्राण-प्रतिष्ठा और ध्वजारोहण समारोहों के खर्चों की जांच शुरू कर दी है।
जम्मू-कश्मीर में पांच दिन से चल रहे अभियान में भारतीय सेना के जवानों को आज सुबह-सुबह बड़ी सफलता मिली। शोपियां के सैदापोरा इलाके में सुरक्षाबलों ने लस्कर के एक आतंकी मार गिराया। बुधवार को अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल के पास से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुए हैं।