मध्यप्रदेश के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि वर्तमान मिडिल ईस्ट संघर्ष से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने के लिए भारत सरकार द्वारा पीएनजी नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर, ऐसे स्थानों पर जहां पर सीजीडी संस्था की पाईलाईन मौजूद है, घरेलू, व्यावयिक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।

खाद्य मंत्री बोले-पीएनजी नेटवर्क का हो रहा तेजी से विस्तार
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि वर्तमान मिडिल ईस्ट संघर्ष से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने के लिए भारत सरकार द्वारा पीएनजी नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर, ऐसे स्थानों पर जहां पर सीजीडी संस्था की पाईलाईन मौजूद है, घरेलू, व्यावयिक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। इस संबंध में जिला स्तर पर जिला प्रशासन, खाद्य विभाग, नगरीय निकाय, आयल कंपनी एवं सीजीडी संस्थाओं के अधिकारियों द्वारा सतत रूप से कैंपों का आयोजन कर पीएनजी के लाभ एवं पीएनजी कनेक्श्न प्राप्त करने की प्रक्रिया से आम जनता को अवगत कराया जा रहा है। मंत्री ने गैस उपभोक्ताओं से आह्वान किया है कि जिस क्षेत्र में पीएनजी की पाइप लाइन है, वहां पीएनजी कनेक्शन जरूर लें। यह एलपीजी से ज्यादा सस्ती और सुरक्षित है।

पीएनजी का मतलब पाइप्ड नेचुरल गैस
पीएनजी का मतलब पाइप्ड नेचुरल गैस है। यह मुख्य रूप से मीथेन से बनी एक प्राकृतिक गैस है, जो पाइपलाइन के माध्यम से सीधे घरों और उद्योगों तक पहुंचाई जाती है। यह सिलेंडर (एलपीजी) का एक सुरक्षित, सुविधाजनक और स्वच्छ विकल्प है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से कुकिंग के लिए किया जाता है।
पीएनजी 24 घंटे सुलभ रूप से उपलब्ध
एक हरा ईंधन - मीथेन में कार्बन और हाइड्रोजन का अनुपात सबसे कम है, जो पीएनजी को सबसे स्वच्छ ईंधनों में से एक बनाता है। भारत में पीएनजी के घरेलू भंडार बहुत अधिक हैं, इसलिए एलपीजी की तुलना में पीएनजी का उत्पादन और आपूर्ति भू-राजनीतिक उथल-पुथल से कम प्रभावित होती है। एलपीजी प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं को आयल कंपनी में बार-बार सिलेंडर बुक कराना पड़ता है, जबकि पीएनजी में कुकिंग गैस 24 घंटे सुलभ रूप से उपलब्ध होती है।
पीएनजी कम दर पर मिलती रहेगी
एलपीजी की अपेक्षाकृत पीएनजी कम दर पर उपलब्ध है। पीएनजी के उपभोक्ता को उसके द्वारा वास्तविक उपयोग की गई, मात्रा का ही भुगतान करना होता है, जबकि एलपीजी के संबंध में पूरा सिलेंडर बुक करके प्राप्त किया जाता है। पीएनजी पर पकाए गए भोजन का पोषण मूल्य बेहतर होता है, क्योंकि एलपीजी की तुलना में पीएनजी से निकलने वाली गर्मी की तीव्रता कम होती है। मौजूदा एलपीजी स्टोव को बहुत कम खर्च पर पीएनजी के उपयोग के लिए बदला जा सकता है।
पीएनजी बिल्कुल सुरक्षित
पीएनजी बिल्कुल सुरक्षित है, क्योंकि नेचुरल गैस (पीएनजी) हवा से हल्की होती है। रिसाव की स्थिति में, गैस ऊपर उठ जाएगी और पर्याप्त वेंटिलेशन के साथ आसपास की हवा में फैल जाएगी। पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिये रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें। केवायसी दस्तावेज के रूप में पहचान और स्वामित्व प्रमाण/मकान मालिक की एनओसी लाएं।
कंट्रोल रूम नंबर से लें जानकारी
सीजीडी संस्थाओं को घरेलू एवं व्यावसायिक पीएनजी के आवेदनकर्ताओं को पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिए सीजीडी संस्थाओं के कंट्रोल रूम नंबर जारी किए गए हैं। प्रदेश के उन शहरों में जिन स्थानों से पाईपलाईन गई है, उस पाईपलाईन के आस-पास के घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रदेश के अन्य जिलों में पाईपलाईन का विस्तार होने के उपरांत पीएनजी कनेक्शन प्रदाय किये जा सकेंगे।
यह भी पढ़िए...
MP News: पीएनजी लाइन वाले क्षेत्रों में 3 महीने बाद बंद होंगे LPG सिलेंडर, नया नियम लागू
मध्यप्रदेश: तीन माह में पीएनजी कनेक्शन न लेने वालों को नहीं मिलेगा सिलेंडर


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

मध्यप्रदेश: बैंक ऑफ बड़ौदा ब्लैक लिस्ट... सरकारी लेनदेन पर प्रतिबंध

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी ने नेपाल भागने की खबरों का खंडन किया है। जमानत रद्द करने की मांग और सीबीआई जांच की मांग के बीच जानें क्या है पूरा मामला।
एमपी बोर्ड टॉपर चांदनी विश्वकर्मा से मिलने भोपाल के भीमनगर स्लम पहुंचे CM मोहन यादव। मुख्यमंत्री ने छात्रा की उच्च शिक्षा का खर्च उठाने और पक्का घर बनवाने का दिया भरोसा। जानिए क्या है टॉपर का सपना।
भोपाल एटीएस ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। काजी कैंप से गिरफ्तार फराज और उसके साथियों के जरिए चार राज्यों में फैले स्लीपर सेल और विदेशी फंडिंग का बड़ा खुलासा हुआ है।
भीषण गर्मी के बावजूद कम बिजली खपत दिखाने वाले और स्मार्ट मीटर नहीं लगवाने वाले उपभोक्ताओं की जांच होगी। बिजली विभाग ने विशेष तकनीकी टीम गठित कर संदिग्ध मामलों में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिला अस्पताल के बाहर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई महज दो दिन में बेअसर दिखी। ठेले, गुमटियां और अवैध पार्किंग फिर लौट आईं, जबकि एम्बुलेंसों के लिए बनाई गई नई व्यवस्था भी धरातल पर नहीं उतरी।
डिजिटल गवर्नेंस के विस्तार के साथ डेटा सुरक्षा की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। ऐसे में राज्य को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना जरूरी है। रिसर्च सेंटर के माध्यम से विशेषज्ञों, तकनीकी संस्थानों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर एक मजबूत साइबर सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के मुरैना में सिकरौदा ट्रैक पर बड़ा रेल हादसा। ट्रेन में आग की अफवाह के बाद नीचे उतरे उत्तर प्रदेश के मां-बेटे सहित 4 यात्रियों की दूसरी ट्रेन की चपेट में आने से मौत।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर के केसली में 1.25 करोड़ लाडली बहनों के खातों में ₹1835 करोड़ की 37वीं किस्त ट्रांसफर की। साथ ही ₹190 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन कर देवरी का नाम 'देवपुरी' करने और ₹550 करोड़ के थावरी जलाशय की बड़ी घोषणाएं कीं।
मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने मानसून में डेंगू नियंत्रण के लिए देश का अनोखा AI आधारित प्रेडिक्शन सिस्टम लॉन्च किया है। डॉ. हिमांशु जायसवार के अनुसार यह सिस्टम एक महीने पहले ही डेंगू हॉटस्पॉट का पूर्वानुमान लगाएगा। पूरी रिपोर्ट और बचाव के उपाय पढ़ें।
मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने 'समृद्ध एमएसएमई-विकसित मध्यप्रदेश' कार्यक्रम में 900 इकाइयों को 360 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी। सरकार ने 2047 तक 2 करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा है।