राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के तहत समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन का आयोजन सोमवार को परेड ग्राउंड जहांगीराबाद भोपाल में किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का डीजीपी कैलाश मकवाना ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम में पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया।

मुख्यमंत्री लाल परेड ग्राउंड में आयोजित समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम में सलामी दी गई।

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति हमें सबके सुख की कामना करना सिखाती है, पर प्रधानमंत्री मोदी के सशक्त नेतृत्व में दुनिया यह भी जान गई है कि यदि कोई हमें छेड़ेगा, तो हम उसे नहीं छोड़ेंगे। जो जिस भाषा में समझें, उसे उसी भाषा में समझाना जरूरी है। अतिवादी ताकतें देश के विकास में बड़ी बाधक हैं। हमें ऐसी ताकतों से पूरी मजबूती से निपटना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (नेशनल सिक्युरिटी गार्ड) भारत का अभेद्य सुरक्षा कवच है। एनएसजी के कारण ही हमारी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था बेहद सुदृढ़ है। देश में बीते काल में हुई किसी भी प्रकार की अतिवादी, अप्रिय घटनाओं एवं असामान्य परिस्थितियों में एनएसजी गार्ड की पूरी मुस्तैदी से मौजूदगी ने हमें यह एहसास कराया है कि एनएसजी है तो हम हर हाल में सुरक्षित हैं। एनएसजी देश की सीमा के भीतर नागरिक सुरक्षा की पक्की गारंटी की तरह है।
कमांडो के प्रदर्शन की सराहना
सीएम ने कहा- एनएसजी के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना राष्ट्र की रक्षा में तत्पर रहते हैं। यह बल अपनी पेशेवर क्षमता, अनुशासन और तकनीकी दक्षता के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को लाल परेड मैदान में आयोजित एनएसजी-शो में सहभागिता कर एनएसजी द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों के लिए आयोजित समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन के साझा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने लाल परेड मैदान में आयोजित एनएसजी शो देखा और कमांडो के प्रदर्शन की सराहना की।
यह शो पराक्रम का परिचायक
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शो पुरुषार्थ और साहस से पराक्रम की पराकाष्ठा के प्रदर्शन का परिचायक है। इस प्रशिक्षण प्रदर्शन में जवानों ने हवा में उड़ते हुए जो करतब दिखाए हैं, वे सच में अद्भुत है। एनएसजी जवान हमारी सुरक्षा व्यवस्था की धुरी हैं। जल, थल, नभ हर तरह से देश पर किसी भी तरह की चुनौतियां और कठिनाइयां आ सकती हैं, इनसे निपटने की तैयारियों के लिए यह प्रशिक्षण और पूर्वाभ्यास बेहद महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण कार्यक्रम सह एनएसजी शो के शुभारंभ अवसर पर पुलिस बैंड द्वारा मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया गया।
खुलेगा अत्याधुनिक प्रशिक्षण केन्द्र
सीएम ने कहा-किसी भी प्रकार के टेररिस्ट अटैक से निपटने के लिए हम अपने सुरक्षा बलों, एटीएस और सीटीजी को और अधिक मजबूत करेंगे। सीटीजी के आधुनिकीकरण के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की है। जल्द ही हम इस दिशा में आगे बढ़ने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि टेररिस्ट अटैक को पूरी दक्षता से काउंटर करने सभी जरूरी प्रशिक्षण के लिए हमारी सरकार भोपाल जिले की हुजुर तहसील के ग्राम तूमड़ा में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केन्द्र खोलेगी।
1984 में एनएसजी की स्थापना
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की सेवा और सुरक्षा के लिए हमारी सरकार हर समय तत्पर है। हमारी एटीएस आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत दीवार बनकर खड़ी है। इनकी मदद के लिए तैयार की गई काउंटर टेररिस्ट ग्रुप (सीटीजी) हमारी असॉल्ट यूनिट, आधुनिक हथियारों और मॉडर्न टेक्निक से लैस है। भारत को अपने सशस्त्र बलों पर बेहद गर्व है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दुनिया में भारत की अलग पहचान बन रही है। वर्ष 1984 में एनएसजी की स्थापना हुई।
एनएसजी जवानों का शौर्य बेजोड़
सीएम ने कहा-एक समय था जब हमारे देश के प्रधानमंत्री भी अपने घर में सुरक्षित नहीं हुआ करते थे। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की माला पहनाते हुए हत्या कर दी गई। एनएसजी का स्लोगन सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा है, जो विजय भाव की अनुभूति कराता है। एनएसजी जवानों का शौर्य और निष्ठा बेजोड़ है। जब भी देश में कोई संकट आता है। हमारे एनएसजी जवान (ब्लैक कैट कमांडोज) देशवासियों को पूरी सुरक्षा देते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में अब हमारी सेना देश के दुश्मनों को उनके घर में घुसकर मारने का माद्दा रखती है।
जवानों के पराक्रम पर हमें भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से आज हमें यह भरोसा दिलाया है। यहां मध्यप्रदेश पुलिस के साथ एटीएस, सीटीजी के प्रशिक्षण की शुरूआत हुई है। आज के विकासशील दौर में आतंकवाद, नक्सलवाद बहुत घातक है। इनसे लड़ने के लिए बलों को हर तरह के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। देश ने 35 साल पुरानी एक बड़ी समस्या (नक्सलवाद) को खत्म कर दिया है। हमारा मध्यप्रदेश आज पूरी तरह नक्सलमुक्त हो चुका है। इसमें हमारे सशस्त्र बलों का बड़ा योगदान है। सुरक्षा बलों के कारण ही भारत दुनिया के सबसे सशक्त तीन देशों की कतार में शामिल हुआ है।
एक माह चलेगा प्रशिक्षण
समारोह के दौरान डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि एनएसजी और मप्र पुलिस का यह साझा प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 अप्रैल से 4 मई 2026 तक करीब एक माह चलेगा। इस दौरान काउंटर अटैक सहित करीब 8 प्रमुख विषयों पर जवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान पुलिस जवान काउंटर/टेररिस्ट अटैक से निपटने की ट्रेनिंग लेंगे और अपने कला, कौशल और टेक्निक को बेहतर से बेहतर बनाएंगे। हम नई चुनौतियों को लेकर तैयार हो रहे हैं। हमारी एटीएस और एसटीएफ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। हमारी सुरक्षा वाहिनियां वीवीआईपी और वीआईपी को पूरी मुस्तैदी से सुरक्षा मुहैया करा रही है।
मप्र के 1000 जवानों को प्रशिक्षण
एनएसजी के महानिदेशक बी. श्रीनिवासन ने कहा कि पुलिस जवान अपनी योग्यता और क्षमता के दम पर एनएसजी से जुड़ते हैं। मध्यप्रदेश की एटीएस और सीटीजी बहुत अच्छी तरह अपनी सेवाएं दे रही हैं। हमने मध्यप्रदेश पुलिस के एक हजार 164 जवानों और देश के 26 हजार जवानों को प्रशिक्षण दिया है। हम खुद अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नवाचार और सुधार लाकर जवानों का कौशल संवर्धन कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान मुख्यत: पुलिस जवानों को आतंकवादी घटनाओं से निपटने के गुर सिखाकर उनका कौशल संवर्धन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह
डीजीपी मकवाणा एवं एनएसजी के महानिदेशक श्रीनिवासन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पौधा भेंटकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक चिन्ह भी भेंट किया गया। एडीजी सशस्त्र सुरक्षा बल चंचल शेखर ने आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने एनएसजी से प्रशिक्षण ले रहे मप्र पुलिस के सभी जवानों के साथ समूह चित्र खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन भी किया।


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