मध्यप्रदेश के चंबल अंचल विशेषकर भिंड, मुरैना, श्योपुर और ग्वालियर में रेत माफिया द्वारा वन, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों पर हमले एक पुरानी और गंभीर समस्या है। माफिया ने कई बार प्रशासनिक वाहनों पर ट्रैक्टर चढ़ाकर या सीधे फायरिंग कर अधिकारियों को निशाना बनाया है।

8 मार्च 2012 को चंबल रेंज में घटी एक घटना ने सिर्फ प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के चंबल अंचल विशेषकर भिंड, मुरैना, श्योपुर और ग्वालियर में रेत माफिया द्वारा वन, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों पर हमले एक पुरानी और गंभीर समस्या है। माफिया ने कई बार प्रशासनिक वाहनों पर ट्रैक्टर चढ़ाकर या सीधे फायरिंग कर अधिकारियों को निशाना बनाया है। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद, चंबल नदी में कछुए और घड़ियाल के आवास को नुकसान पहुंचाते हुए अवैध रेत खनन जारी है। रेत माफिया इन क्षेत्रों में इतना बेखौफ है कि वह अक्सर पुलिस थानों और चौकी पर भी हमला करने से नहीं हिचकिचाता। गौरतलब है कि आज से ठीक 14 साल एक महीने पहले 8 मार्च 2012 को चंबल रेंज में घटी एक घटना ने सिर्फ प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। अवैध खनन के लिए कुख्यात इलाके में साल 2009 बैच के आईपीएस अफसर नरेंद्र कुमार को बेरहमी से कुचलकर मार डाला गया था। इस दिल दहलाने वाली घटना में माफिया ने जानबूझकर पत्थरों से भरी एक ट्रॉली नरेंद्र पर चढ़ा दी, जिसके चलते उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस हत्याकांड ने उस समय पूरे प्रदेश में सनसनी मचा दी थी और आज भी इस घटना की यादें लोगों के जेहन में ताजा हैं। तेज तर्रार आईपीएस नरेंद्र कुमार आईएएस मधु रानी तेवतिया के पति थे। मधुरानी इन दिनों दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सचिव हैं।
आईएएस पत्नी थीं ग्वालियर की अपर कलेक्टर

जब आईपीएस नरेंद्र कुमार की हत्या की गई थी तब आईएएस पत्नी मधुरानी तेवतिया ग्वालियर में अपर कलेक्टर के पद पर तैनात थीं और मेटरनिटी लीव पर थीं। पति की मौत के महज 11 दिन बाद उन्होंने एक पुत्र को जन्म दिया। इस घटना के बाद मधुरानी ने मध्य प्रदेश कैडर छोड़कर एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर में जाने का फैसला किया।
नरेंद्र की बहादुरी की मिसाल
दिवंगत आईपीएस नरेंद्र कुमार की शहादत को याद करते हुए लोग उनकी बहादुरी को सलाम करते हैं। आईपीएस की शहादत आज भी लोगों के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा और माफिया के खिलाफ बिना डरे कार्रवाई की। उनकी यह बहादुरी न केवल पुलिस बल, बल्कि समाज के हर तबके के लिए एक मिसाल है।
मुरैना में वन रेंजर की कुचलकर हत्या
7 सितंबर-2018 में मुरैना जिले में अवैध रूप से खनन की गई रेत से लदे ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश में डिप्टी रेंजर सूबेदार सिंह कुशवाहा को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया गया। घटना के समय वह मुरैना में घिरोना मंदिर के पास वन विभाग की चौकी पर ड्यूटी पर थे।
ग्वालियर में दो वन रक्षकों को मारी थी गोली
मुरैना में डिप्टी रेंजर की हत्या के बाद, ग्वालियर में अवैध रूप से खनन किए गए पत्थरों की तस्करी करने वाले रेत माफिया ने 12 सितंबर की शाम को दो वन रक्षकों पर गोली चलाई। हरिवाल्लभ चतुर्वेदी और हरिश्चंद्र चौहान की गंभीर हालत में पहचान हुई है और उन्हें ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रेत माफिया द्वारा किए गए प्रमुख हमले


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