Action taken against illegal sand mining at Devli Ghat on the Betwa River.
बिहार में विधानसभा चुनाव समाप्त होते ही एक बार फिर आपराधिक वारदातें शुरू हो गई हैं। इससे चुनाव के दौरान किए गए तमाम दावे खोंखले साबित होने लगे हैं। बीती देर रात पटना में पालीगंज अनुमंडल के दुल्हिनबाजार थाना क्षेत्र में रेत माफियाओं ने खनन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला कर दहशत फैला दी।
आज सुबह 6.30 बजे भीषण हादसा हो गया। मालवा कॉलेज के ठीक सामने रेत से भरे ट्रैक्टर में एक फॉर्च्यूनर कार जा घुसी। हादसा इतना गंभीर था कि फॉर्च्यूनर में सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
ग्वालियर के गिजौर्रा क्षेत्र में गुंडागर्दी की हद पार करने वाला एक वीडियो सामने आया है। आदतन अपराधी सतीश यादव दो लोगों को बेल्ट से बेरहमी से पीट रहा है, जिससे उनकी खाल उधड़ गई। विवाद रेत खदान संचालन से जुड़ा बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जाँच शुरू की, लेकिन शिकायत न आने पर कार्रवाई में देरी से कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल।
श्योपुर जिले के विजयपुर क्षेत्र में अवैध रेत खनन करने वाले माफियाओं का आतंक चरम पर है, जिसके सामने पुलिस और प्रशासन की सख्ती बेअसर साबित हो रही है। हाल ही में, उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अभिषेक मिश्रा के नेतृत्व में अवैध रेत खनन और परिवहन को रोकने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया गया।
राजधानी भोपाल में एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जहां एक युवक की उसके ही दोस्त और दो अन्य साथियों ने मिलकर बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक आशीष उईके (25) पुताई का ठेकेदार था। मुख्य आरोपी रंजीत सिंह को शक था कि आशीष का उसकी मां के साथ अफेयर है, इसी शक के चलते उसने दो दिन पहले आशीष को इलाके में न दिखने की चेतावनी दी थी। शनिवार तड़के श्याम नगर मल्टी में आशीष को देखते ही तीनों आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया।
सीधी जिले में अवैध लकड़ी कटाई और फर्नीचर कारोबार पर वन विभाग की मौन सहमति से सवाल खड़े हो रहे हैं। आरा मशीनों और फर्नीचर दुकानों पर कभी दबिश नहीं पड़ती, न ही आकस्मिक जांच होती है। अवैध कटाई, रेत-मुरुम उत्खनन और वन्यजीव असुरक्षा जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। विभागीय लापरवाही और आर्थिक गठजोड़ पर गंभीर आरोप लगे हैं।
सिंगरौली में खनिज संपदाओं के दोहन के नाम पर वर्षों से लूट मची है। कोयले और रेत से सरकारी खजाना भर रहा है लेकिन स्थानीय जनता को मिला सिर्फ प्रदूषण, हादसे और उजड़ा जीवन। विकास के नाम पर सिंगरौली को बार-बार ठगा गया है।
सावन की बारिश ने सतना सहित आस-पास के इलाकों में सब्जियों की कीमतों को बेकाबू कर दिया है। टमाटर 50 रुपये किलो, मिर्च 100 रुपये किलो और धनिया 100 रुपये किलो तक पहुंच गया है। बारिश, खराब फसलें, बिचौलियों की मुनाफाखोरी और कमजोर सप्लाई चेन इस महंगाई के प्रमुख कारण हैं।
दतिया के गोदन थाने में पदस्थ ASI प्रमोद पावन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले वायरल वीडियो में उन्होंने थाना प्रभारी अरविंद भदौरिया पर प्रताड़ना, जुआ और रेत खनन के गंभीर आरोप लगाए। पूरी खबर जानें।






















