मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम एवं वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री एक बार फिर अपने सख्त एक्शन को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, धार और खरगोन जिले के किसानों ने करेला फसल में हुए नुकसान को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से गुहार लगाई।

केंद्रीय कृषि मंत्री एक बार फिर अपने सख्त एक्शन को लेकर चर्चा में हैं।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम एवं वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री एक बार फिर अपने सख्त एक्शन को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, धार और खरगोन जिले के किसानों ने करेला फसल में हुए नुकसान को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से गुहार लगाई। किसानों ने बताया कि अमानक बीज और रोपे के कारण उनकी फसल बर्बाद हो गई, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वहीं शिकायत को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय मंत्री ने इसे किसानों की आजीविका पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए। साथ ही अमानक बीज बेचनी वाली कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। शिवराज के निर्देश के बाद आनन-फानन में प्रशासन ने धार जिले के मनावर थाने में संबंधित कंपनी नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उत्पादन में भारी गिरावट
किसानों के अनुसार, उन्होंने नवंबर 2025 में विभिन्न नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों से बीज और रोपे खरीदे थे। लेकिन बोवनी के बाद फसल में उत्पादन नहीं हुआ। करेला के फल छोटे रह गए, पीले होकर गिर गए। उत्पादन में भारी गिरावट आई। इससे आय पर सीधा असर पड़ा।
फरवरी 2026 में की थी शिकायत
जांच में सामने आया है कि किसानों को अमानक बीज और उन्हीं से तैयार रोपे प्रमाणित बताकर बेचे गए थे। इससे उनकी फसल को गंभीर नुकसान पहुंचा। किसानों ने पहले भी फरवरी 2026 में इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद विभागीय जांच कराई गई थी।
दोषी को बख्शा नहीं जाएगा
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ फसल खराब होने का मामला नहीं है, बल्कि किसानों की मेहनत, पूंजी और विश्वास से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस तरह की लापरवाही या धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा न जाए।


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