पिछले 18 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने भोपाल में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के कई इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।

भोपाल. स्टार समाचार वेब.
पिछले 18 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने भोपाल में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के कई इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
अयोध्या बायपास स्थित इको ग्रीन पार्क और कोलार रोड स्थित जानकी सोसायटी में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया है। इको ग्रीन पार्क के लगभग 100 घरों में जलभराव की शिकायत है। सोसायटी के रहवासियों ने बताया कि पास से गुजरने वाला पुल पातरा नाला ओवरफ्लो होने के कारण यह स्थिति बनी है। जानकी सोसायटी के बेसमेंट में इतना पानी भर गया कि कई दोपहिया वाहन डूब गए, जिन्हें निकालने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम बुलाई गई।
भारी बारिश को देखते हुए, कल यानी बुधवार, 30 जुलाई 2025 को भोपाल के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। डीईओ एनके अहिरवार ने कलेक्टर के निर्देश पर यह आदेश जारी किया।

प्रभावित इलाके
जेके रोड (मिनाल रेजीडेंसी और सीपेट के सामने), करोंद, शिवनगर, अशोका गार्डन, लिंक रोड नंबर-1, नेहरू नगर, इंडस टाउन और नवबहार सब्जी मंडी शामिल हैं, जहाँ सड़कों पर पानी भरने से आवागमन बाधित हुआ। वीआईपी रोड स्थित कर्बला के पास एक पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ, जिसे नगर निगम की टीम ने हटाया।

बड़ा तालाब: इस मानसूनी सीजन में पहली बार कोलांस नदी के उफान पर आने से बड़ा तालाब का जलस्तर 1661.80 फीट तक पहुंच गया है, जो इसकी पूर्ण क्षमता (1666.80 फीट) से अब केवल 5 फीट ही कम है। जल संसाधन विभाग ने भदभदा डैम के गेट खोलने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसका पानी सीधे कलियासोत डैम में पहुंचेगा।
कलियासोत डैम: डैम का जलस्तर 1649.93 फीट है (कुल क्षमता 1659.02 फीट)। मंगलवार दोपहर 12 बजे सीजन में पहली बार कलियासोत डैम का एक गेट टेस्टिंग के लिए खोला गया।
केरवा डैम: यह 1673 फीट की क्षमता वाले केरवा डैम में अब तक 1654 फीट पानी आ चुका है।
कोलार डैम: इसका जलस्तर 1492.94 फीट है (कुल क्षमता 1516.40 फीट)।
मौसम विभाग का अलर्ट: मौसम विभाग ने भोपाल में आज भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसमें अगले 24 घंटों में साढ़े 4 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। इस बार मानसून में कमजोर सिस्टम के कारण भोपाल में बारिश की तीव्रता कम रही है, लेकिन हालिया स्पैल ने शहर में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी है।

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रीवा में नीट यूजी परीक्षा के दौरान सख्ती इतनी रही कि छात्राओं को फुलिया उतरवाने के लिए सुनार बुलाना पड़ा। जूते, गहने और कई वस्तुएं बाहर रखवाकर ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया।
विंध्य विकास प्राधिकरण में नियुक्तियों के बाद भाजपा में खुशी के साथ असंतोष भी दिखा। समर्पित कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित मान रहे हैं, जबकि बिना कार्यालय और बजट के विकास कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं।
रीवा में तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मारी, हादसे में महिला की मौत और पति घायल हुआ। आक्रोशित परिजनों ने सड़क जाम किया, प्रशासन ने मुआवजा और सहायता का आश्वासन दिया।
सीधी जिले में एनएच-39 पर युवक को वाहन ने टक्कर मारकर फिर कुचल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने हत्या जैसे आरोप लगाए हैं, जबकि चालक बिना लाइसेंस बताया जा रहा, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सतना जिले में नरवाई जलाने के मामलों पर सैटेलाइट मॉनिटरिंग से कार्रवाई हुई। आठ किसानों को नोटिस और छह को कोर्ट में पेशी के निर्देश दिए गए, फिर भी प्रशासनिक सख्ती पर सवाल उठ रहे हैं।
सतना जिले में मातृ मृत्यु के मामले बढ़कर 37 पहुंचे, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरियों को दर्शाते हैं। एनीमिया, हाई बीपी और समय पर इलाज न मिलने से अधिकतर मौतें हुईं, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक बनी।
सतना जिले में ट्रेन और सड़क हादसों में तेंदुओं की मौत से वन्यजीव सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। मैहर में तेंदुए की मौजूदगी से दहशत, जबकि अवैध शिकार मामले में चार आरोपी गिरफ्तार किए गए।
जौनपुर जंक्शन पर यार्ड रिमॉडलिंग के चलते 4 से 27 मई तक 13 ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं। गोंदिया-बरौनी और ताप्ती गंगा एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें प्रभावित रहेंगी, यात्रियों को परेशानी होगी।
सतना जिला अस्पताल के पीएनसी वार्ड में पुरुषों की भीड़ से प्रसूताओं की निजता और सुरक्षा खतरे में है। अव्यवस्था, गेट पास बंद और अटेंडरों की अनियंत्रित संख्या से संक्रमण और विवाद की आशंका बढ़ी।
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