भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 2026 के मानसून के लिए अपना दूसरे चरण का पूर्वानुमान जारी कर दिया है। इस साल पूरे देश में मानसून की बारिश लंबी अवधि के औसत की केवल 90 फीदसी ही रहने की संभावना है, जो नीचे सामान्य श्रेणी में आती है। ग्वालियर में शुक्रवार सुबह 6 बजे से रुक-रुक कर, जबकि मुरैना जिले में तेज बारिश हुई।

मौसम विभाग ने 2026 के मांनसून का फिर जारी किया पूर्वानुमान
देशभर में इस साल मानसून को नुकसान पहुंचाएगा अल-नीनो
मध्यप्रदेश के छह जिलों में लू,आंधी-बारिश व ओले का अलर्ट
खूब तप रहा नौतपा, 27 जिलों में 43 डिग्री के ऊपर रहेगा पारा

भोपाल/ नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 2026 के मानसून के लिए अपना दूसरे चरण का पूर्वानुमान जारी कर दिया है। इस साल पूरे देश में मानसून की बारिश लंबी अवधि के औसत की केवल 90 फीदसी ही रहने की संभावना है, जो नीचे सामान्य श्रेणी में आती है। पहले चरण में यह 92 फीसदी रखा गया था, लेकिन अब इसे और कम करके 90 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका मतलब है कि जून से सितंबर तक देशभर में औसत से कम बारिश होगी। हालांकि, पूरे देश में एक समान बारिश नहीं होगी। कुछ क्षेत्रों में सामान्य या उससे ज्यादा बारिश हो सकती है, जबकि कई महत्वपूर्ण कृषि क्षेत्रों में बारिश काफी कम रहने की आशंका है।
विभिन्न क्षेत्रों में बारिश की स्थिति
पूर्वोत्तर भारत में बारिश सामान्य रहने की संभावना है। मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश औसत से कम रहेगी। उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश सबसे कम होगी। मानसून कोर जोन में देश के ज्यादातर वर्षा आधारित कृषि क्षेत्रों वाले इस जोन में भी बारिश औसत से कम रहेगी। मौसम विभाग ने दावा किया है कि जून 2026 में बारिश सबसे कम होगी।
अल-नीनो का प्रभाव
वर्तमान में प्रशांत महासागर में अल-नीनो की स्थिति बन रही है, जो जल्द ही विकसित हो जाएगी। अल-नीनो आमतौर पर भारत में मानसून को कमजोर करता है। इस साल अल-नीनो के कारण बारिश प्रभावित होने की आशंका है। भारतीय महासागर में आईओडी की स्थिति अभी न्यूट्रल है।
ग्वालियर और मुरैना में बारिश

इधर, मध्यप्रदेश में नौतपा के बीच मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। ग्वालियर में शुक्रवार सुबह 6 बजे से रुक-रुक कर, जबकि मुरैना जिले में तेज बारिश हुई। अचानक बदले मौसम से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। इससे पहले भी गुरुवार को दमोह समेत कई जिलों में ओले गिरे और बारिश हुई थी।
इन जिलों में चलेगी लू
मौसम विभाग ने ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का आॅरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे ज्यादा 44.7 डिग्री, जबलपुर में 44 डिग्री, भोपाल में 43.8 डिग्री, इंदौर में 41.8 डिग्री और उज्जैन में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
खजुराहो रहा सबसे गर्म
25 मई से नौतपा की शुरुआत हुई है। इसके पहले दिन से ही प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया। 18 मई से खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म बने हुए हैं। इस अवधि में यहां अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 47 डिग्री के पार पहुंच गया। नौतपा के चौथे दिन 10 शहर ऐसे रहे, जहां पारा 45 डिग्री या इसके पार पहुंच गया। खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री दर्ज किया गया।

दूसरा सबसे गर्म शहर राजगढ़
राजगढ़ में 46 डिग्री, दतिया में 45.7 डिग्री, नौगांव, दमोह-मलाजखंड में 45.5 डिग्री, टीकमगढ़ में 45.2 डिग्री, सतना में 45.1 डिग्री, मंडला-सागर में 45 डिग्री रहा। इसी तरह गुना में 44.7 डिग्री, श्योपुर में 44.6 डिग्री, रायसेन में 44.2 डिग्री, रीवा-छिंदवाड़ा में 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।
कल से ओले गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग की मानें तो 3 दिन, यानी 30-31 मई और 1 जून को प्रदेश में कहीं ओले गिरेंगे तो कहीं तेज आंधी के साथ बारिश हो सकती है। 30 मई को अधिकांश जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इंदौर-नर्मदापुरम संभाग में ही गर्मी रह सकती है। 31 मई और 1 जून को भी ऐसा ही मौसम रहेगा। इन 3 दिनों में कहीं भी लू का अलर्ट नहीं है।


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मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के रायसेन-भोपाल मार्ग पर आज सुबह बिलखिरिया के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसे में पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि करीब दो दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा दो यात्री बसों की आमने-सामने टक्कर के बाद हुआ, जिसमें एक बस अनियंत्रित होकर पुलिया से जा टकराई।
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