रीवा के दीनानाथ कोल और ननकी देवी ने संतान न होने की पीड़ा को प्रेरणा बनाकर 105 एकड़ बंजर भूमि को हरियाली में बदल दिया। 35 वर्षों की मेहनत से विकसित यह वन आज पर्यावरण और वन्यजीवों का आश्रय बन चुका है।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
संतान सुख न मिलने का दर्द जहां कई लोगों को निराशा की ओर ले जाता है, वहीं रीवा जिले के डभौरा क्षेत्र स्थित धुरकुच गांव के दीनानाथ कोल और उनकी पत्नी ननकी देवी ने इस पीड़ा को समाज और प्रकृति के लिए प्रेरणा में बदल दिया। संतान न होने पर इस दंपती ने वृक्षों को ही अपना परिवार मान लिया।
उन्होंने 105 एकड़ बंजर भूमि को घने जंगल में तब्दील कर दिया। यहां पर लगभग 10 हजार से अधिक पौधे लगा दिये, जिनकी देखभाल 35 वर्षों से संतान की तरह कर रहे हैं। एक समय जो भूमि वीरान, पथरीली और सूखी हुआ करती थी, आज वहां हरियाली की चादर बिछी हुई है। आम, आंवला, अमरूद, बेर सहित अनेक फलदार और औषधीय वृक्षों से सजा यह जंगल अब क्षेत्र के पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए जीवनदायिनी धरोहर बन चुका है। दंपत्ति लगातार इस जंगल की देखरेख भी कर रहे हैं। किसी को यहां वृक्षों की कटाई नहीं करने देते हैं। बल्कि आसपास के लोगों को भी वृक्षारोपण करने के लिये प्रोत्साहित कर रहे हैं। अब यह वन आसपास के लोग के लिये पर्यटन क्षेत्र के रूप में भी बन चुका है। अक्सर लोग यहां परिवार के साथ पिकनिक मनाने भी पहुंचते हैं।
1990 में बोया था हरियाली का बीज
दीनानाथ कोल बताते हैं कि वर्ष 1990 में एक कार्यक्रम से लौटते समय रास्ते में फेंकी गई आम की गुठलियां एकत्र की और बंजर भूमि में लगा दीं। कुछ पौधे नष्ट हुए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। धीरे-धीरे यह प्रयास एक विशाल जंगल का रूप लेता गया। जब वृक्ष तैयार होने लगे तो उनकी इच्छा शक्ति मजबूत हुई और उन्होंने पत्नी के साथ मिलकर लगातार वृक्षारोपण करने लगे।
तानों को बनाया ताकत
शादी के कई वर्षों बाद भी दीनानाथ को संतान नहीं हुई। जिसके बाद लोगों के ताने सुनने पड़े। इसी दौरान पत्नी ननकी देवी ने कहा कि यदि बच्चे नहीं हैं तो ऐसा काम करें जिससे समाज में पहचान बने। यहीं से दोनों ने वृक्षों को संतान बनाने की ठान ली और पौधे लगाने का संकल्प लिया। तब से दंपत्ति इसी कार्य में जुट हुये हैं।
अतिक्रमण बता पाट दिया कुंआ
जंगल को बचाने के लिए उन्होंने अपने प्रयासों से कुआं खुदवाया, लेकिन उसे अतिक्रमण बताकर पाट दिया गया। पानी की कमी से कई पौधे सूख गए, फिर भी दंपती ने हार नहीं मानी। आज भी नलकूप की स्वीकृति मिलने के बावजूद उसका खनन नहीं हो पाया है। ऐसे में वृक्षों की सिंचाई के लिये काफी संघर्ष करना पड़ता है।
गूंजती है जीवन की आवाज
दंपती के प्रेम और समर्पण से तैयार हुए इस "प्रेम वन" में आज मोर, हिरण, नीलगाय, खरगोश और अनेक पक्षियों का बसेरा है। पक्षियों की चहचहाहट और हरियाली के बीच दीनानाथ और ननकी देवी को अपने जीवन की सबसे बड़ी खुशी मिलती है। दंपत्ति दिन का ज्यादातर समय अपने से तैयार किये गये जंगल में ही बिताते हैं।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 परीक्षा पास करने वाले हजारों अभ्यर्थियों ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) का घेराव किया। कटऑफ डेट के कारण मेरिट में पहला स्थान पाने वाली वर्षा मुजाल्दा सहित हजारों छात्र अपात्र घोषित किए गए हैं।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने भिंड और दतिया जिलों में सिंध नदी पर चल रहे अवैध रेत खनन पर मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है।
इंदौर अवंतिका गैस पाइपलाइन विस्फोट मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जूनी इंदौर के एसडीएम ने गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। कोर्ट ने मुआवजे और इलाज पर 27 अगस्त को अगली सुनवाई तय की है।
सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन के लिए भोपाल पुलिस लाइन में चल रहे प्रशिक्षण के पांचवें दिन अधिकारियों को तनाव प्रबंधन, सॉफ्ट स्किल, सोशल मीडिया और सुरक्षा योजना की विशेष ट्रेनिंग दी गई।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा दौरे पर शिकायतों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर सख्त एक्शन लिया है। साथ ही 'जन-विश्वास अभियान' और नई भर्तियों को लेकर बड़ी घोषणाएं कीं।
बहुचर्चित बेला गांव दोहरो हत्याकांड में सात साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। चतुर्थ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेश सिंह जमरा की अदालत ने दोनों आरोपियों रामसेवक कुशवाह और राघवेन्द्र उर्फ कालू रावत को हत्याकांड में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मुख्यमंत्री ने संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया। मैकेनिकल लैब में उन्होंने सीआरडीआई फोर-स्ट्रोक डीजल इंजन की कार्यप्रणाली समझी और लेथ मशीन पर कुशलता से काम कर रही छात्राओं की सराहना की। सीएम ने छात्राओं से उनके प्रशिक्षण, भविष्य के संकल्पों और शासकीय योजनाओं से मिल रहे लाभ पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के हर वर्ग तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है और वैश्विक मंच पर भारत की साख मजबूत हुई है। अंत्योदय के संकल्प को पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार भी गरीब, किसान, युवा और नारी शक्ति के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले से लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया है। आटा चक्की के लिए बिजली कनेक्शन लगवाने के नाम पर रिश्वत मांग रहे विद्युत विभाग के एक लाइनमैन को ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की रकम हाथ में आते ही लोकायुक्त की टीम ने आरोपी को धर दबोचा।
मध्य प्रदेश में जून-जुलाई 2027 में होने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग इस बार पंचायतों में सरपंच और पंच पदों के चुनाव भी मतपत्र की जगह ईवीएम से कराने की तैयारी कर रहा है।