सीधी जिले के खड़ौरा गांव में संचालित ग्रेनाइट और क्रेशर खदान पर सुरक्षा, पर्यावरण और खनन नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने ब्लास्टिंग, प्रदूषण और राजस्व अनियमितताओं की जांच की मांग उठाई।

हाइलाइट्स
सीधी, स्टार समाचार वेब
जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम खड़ौरा में संचालित ग्रेनाइट एवं क्रेशर खदान में जिस तरह बारूद का प्रयोग कर ब्लास्टिंग की जा रही है उससे यही कहा जा सकता है कि ग्राम खड़ौरा बारूद के ढेर में बैठा है जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का सामना करना पड़ सकता है। वहां ग्रेनाइट एवं क्रेशर खदान में नियम एवं कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है जिस कारण जिम्मेदार विभाग एवं अधिकारियों के ऊपर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों के मुताबिक यहां ग्रेनाइट एवं क्रेशर खदान संचालित है उसमें ना तो सुरक्षा के दृष्टि से तार फेंसिंग की गई है और ना ही प्रदूषण संरक्षण के लिए कोई काम किया जा रहा है।इतना ही नहीं बिना स्वीकृति के ब्लास्टिंग के जरिए पत्थर को फोड़ा जाता है जिससे पूरा क्षेत्र दहल जाता है एवं दिल के मरीजों को हरदम खतरा बना रहता है।
बसाहट क्षेत्र में संचालित है खदान
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जहां खदान संचालित है वहां बसाहट है जिस कारण यहां के लोग एक तरफ दिन-रात हो रहे प्रदूषण एवं ब्लास्टिंग से परेशान है वहीं प्रदूषण के चलते फसल एवं साग सब्जी का उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है।
खदान के बीचों-बीच संचालित हैं रास्ता
अगर खदान स्थल का जायजा लिया जाए तो साफ देखा जा सकता है कि खदान के बीचों-बीच आम रास्ता संचालित है जिसमें दिन-रात लोगों का आना-जाना होता है जबकि रास्ता के दोनों तरफ 100फिट गहरी खाई नुमा पोखर बना दिए गए हैं जिसमें इंसान अथवा मवेशी गिरेगा तो उसकी मौत निश्चित है फिर भी सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
सवालों के घेरे में जिम्मेदार विभाग
जानकारों की माने तो ग्रेनाइट एवं क्रेशर खदान संचालित करने के लिए प्रावधान व शर्त बनाए गए हैं जिनका पालन कराना स्थानीय प्रशासन,खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग की जिम्मेदारी है अगर समय रहते जिम्मेदारों के द्वारा निगरानी करनी चाहिए एवं शर्तों का पालन करने के लिए दबाव बनाया जाना चाहिए अगर ऐसा नहीं किया गया है और नियम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है तो लोगों द्वारा कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं कि जिम्मेदारों के संरक्षण में ही इस तरह मनमानी काम हो रहा है।
प्रतिवेदन में छिपाई गई है वास्तविकता
प्राप्त जानकारी के मुताबिक ग्रेनाइट एवं क्रेशर खदान संचालन के लिए मापदंड बनाए गए हैं जिसमें बसाहट क्षेत्र के 500 मी के अंदर खदान संचालित नहीं हो सकती है। शासकीय भवन,स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी के 500 मीटर के दायरे में खदान का संचालन नहीं किया जाना चाहिए।बारूद एवं ब्लास्टिंग का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। पर्यावरण के संतुलन हेतु ग्राम पंचायत के अन्य क्षेत्र में पौधारोपण कराया जाना चाहिए। सुरक्षा के स्थाई इंतजाम होने चाहिए।अगर वास्तविक प्रतिवेदन दिया जाता तो उपरोक्त स्थल में खदान की स्वीकृत ही नहीं मिलती। वर्तमान में भी जिम्मेदार विभागों के द्वारा जांच कर वास्तविक प्रतिवेदन देना चाहिए।अगर नियम एवं शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है तो खदान को बंद करने का प्रतिवेदन वरिष्ठ कार्यालय को देना चाहिए।
सैंपलिंग के नाम पर किया जा रहा परिवहन
ग्रामीणों के मुताबिक यहां कई वर्षों से ग्रेनाइट पत्थर की निकासी कर परिवहन किया जाता है लेकिन उसमें वास्तविकता छुपा कर सेंपलिंग के बहाने लंबे समय से कारोबार चल रहा है वहीं क्रेशर से बिना टीपी के गिट्टी दी जा रही है जिससे लाखों रुपए की राजस्व चोरी भी क्रेशर संचालक द्वारा की जा रही है व ग्राम विकास के लिए फंड नहीं दिया जाता और ना ही पर्यावरण सुरक्षा के लिए पौधरोपण कराया जाता है।
अगर मेरे थाना क्षेत्र अंतर्गत खदान संचालित है और ब्लास्टिंग की जाती है व बगैर टीपी के गिट्टी सप्लाई दी जा रही है तो उस पर ठोस कार्यवाही की जाएगी।
विशाल शर्मा, प्रभारी नगर निरीक्षक, मझौली


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
वरिष्ठ न्यायाधीश विवेक रूसिया मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त किए गए हैं। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा के सुप्रीम कोर्ट प्रमोट होने के बाद केंद्र सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी की। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
MP High Court ने मंडला की 16 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की 31 सप्ताह के गर्भपात की याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा- गंभीर एनीमिया के कारण पीड़िता की जान को खतरा है, राज्य सरकार उठाएगी बच्चे का जिम्मा।
जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने शहपुरा तहसील के राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी मटर प्लांट की जमीन के सीमांकन के बदले व्यापारी से घूस मांग रहा था।
इंदौर के एरोड्रम क्षेत्र के जैन मंदिर में हुई बड़ी चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तेलंगाना से 3 फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर मूर्तियां बरामद की हैं। पढ़ें पूरी खबर।
सतना पुलिस ने चंदन के पेड़ चोरी करने वाले पारधी गिरोह का खुलासा करते हुए तीन महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से चंदन की लकड़ियां, बाइक और पेड़ काटने के उपकरण बरामद हुए।
सतना सिटी कोतवाली परिसर में ड्यूटी के दौरान दो आरक्षकों के बीच गाली-गलौज और हाथापाई का वीडियो वायरल हुआ। पुलिस अधीक्षक ने दोनों को लाइन अटैच कर मामले की जांच सीएसपी को सौंपी।
सतना के बिरहुली रेलवे ओवरब्रिज की निर्माण देरी से नाराज ग्रामीणों ने रेल रोको आंदोलन किया। प्रशासन ने वार्ता के बाद 31 जुलाई तक निर्माण कार्य पूरा कर पुल जनता को समर्पित करने का आश्वासन दिया।
सतना के 16 वर्षीय छात्र अजयदीप सिंह ने जैविक कचरे से न्यूट्रास्यूटिकल ब्लेंड विकसित कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल की है। उनके शोध को कॉपीराइट, पेटेंट आवेदन और वैज्ञानिक प्रकाशन का सम्मान मिला।
सतना में तेज बारिश के बाद कई क्षेत्रों में जलभराव, घरों में पानी घुसने और बिजली बाधित होने की समस्या सामने आई। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।
सीधी जिले के खड़ौरा गांव में संचालित ग्रेनाइट और क्रेशर खदान पर सुरक्षा, पर्यावरण और खनन नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने ब्लास्टिंग, प्रदूषण और राजस्व अनियमितताओं की जांच की मांग उठाई।