मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 30 दिनों के भीतर सभी आरटीओ चेक पोस्ट फिर से खोलने का आदेश दिया है। ओवरलोडिंग और सड़क हादसों को रोकने के लिए जस्टिस विशाल मिश्रा ने यह बड़ा फैसला सुनाया

एक बार फिर ट्रकों और भारी वाहनों की जांच होगी
सरकार को हाईकोर्ट ने दिए आदेश
जबलपुर। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में अब एक बार फिर सीमाओं पर ट्रकों और भारी वाहनों की सघन जांच शुरू होगी। जबलपुर हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकल पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को आदेश दिया है कि 30 दिनों के भीतर प्रदेश के सभी आरटीओ चेक पोस्ट दोबारा चालू किए जाएं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर राज्य सरकार ने 1 जुलाई 2024 से प्रदेश के सभी 47 आरटीओ चेक पोस्ट बंद कर दिए थे। सरकार का तर्क था कि इससे भ्रष्टाचार रुकेगा और वाहनों की आवाजाही सुगम होगी। इसके विकल्प के तौर पर परिवहन विभाग ने 'मोबाइल चेक पॉइंट' व्यवस्था लागू की थी, लेकिन धरातल पर इसके परिणाम संतोषजनक नहीं रहे।
याचिकाकर्ता रजनीश त्रिपाठी ने 2025 में इस फैसले को चुनौती दी। उनके अधिवक्ता जुबिन प्रसाद और भानु प्रकाश ने कोर्ट में दलील दी कि चेक पोस्ट हटने से ओवरलोडिंग के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। नियमों के उल्लंघन के कारण सड़क हादसों का ग्राफ बढ़ा है। परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार के जवाब को असंतोषजनक माना। जस्टिस विशाल मिश्रा ने सख्त लहजे में कहा कि विभागीय अधिकारियों का रवैया अदालती निर्देशों की अवहेलना जैसा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चाहे सरकार कोई भी अन्य विकल्प अपनाए, लेकिन चेक पोस्ट का संचालन अनिवार्य है।
हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि फैसले की प्रमाणित प्रति मिलने के 30 दिनों के भीतर सभी बॉर्डर चेक पोस्ट चालू हो जाने चाहिए। यदि सरकार इस समय सीमा में आदेश का पालन नहीं करती है, तो याचिकाकर्ता अवमानना (Contempt of Court) की कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगा।
अदालत ने निर्देश दिया है कि दूसरे राज्यों से आने वाले हर वाहन की तकनीकी जांच और ओवरलोडिंग की सख्ती से चेकिंग हो। निर्धारित ऊंचाई से अधिक माल ले जाने वाले वाहनों पर तत्काल चालानी कार्रवाई की जाए ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
चेक पोस्ट: ये सीमाओं पर स्थाई नाके होते थे जहाँ हर ट्रक को रुककर कागजात दिखाने होते थे। 2017 में GST आने के बाद इनकी उपयोगिता पर बहस शुरू हुई थी।
चेक पॉइंट: वर्तमान व्यवस्था में परिवहन विभाग की मोबाइल यूनिट्स (उड़नदस्ते) रैंडम जगहों पर खड़े होकर अवैध वाहनों की जांच करती हैं।

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