मध्यप्रदेश में तहसीलदार और नायब तहसीलदार क्यों कर रहे हैं काम बंद? जानें सरकार के न्यायिक और गैर-न्यायिक विभाजन के विरोध में राजस्व अधिकारियों के प्रदर्शन और उनकी मुख्य मांगों के बारे में।

भोपाल: स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में राजस्व अधिकारियों ने अपने न्यायिक और गैर-न्यायिक कार्यों के विभाजन के विरोध में बुधवार से काम का बहिष्कार शुरू कर दिया है। तहसीलदार और नायब तहसीलदार अब आपदा प्रबंधन को छोड़कर अन्य कोई भी काम नहीं करेंगे। हालांकि, वे इस दौरान सामूहिक हड़ताल पर नहीं रहेंगे और न ही मुख्यालय छोड़ेंगे।
यह फैसला राजस्व अधिकारियों के काम के बंटवारे के खिलाफ लिया गया है, जिससे भोपाल समेत कई जिलों में आम लोगों के काम प्रभावित हो सकते हैं। वर्तमान में, भोपाल की बैरागढ़, कोलार, एमपी नगर, शहर वृत्त, बैरसिया और टीटी नगर जैसी तहसीलों में अधिकारियों को न्यायिक और गैर-न्यायिक कामों में बाँटा गया है। इसके चलते, जो अधिकारी न्यायिक कार्य देख रहे हैं, वे फील्ड में नहीं जा रहे, और जो फील्ड में हैं, वे न्यायिक काम नहीं कर रहे।
क्यों हो रहा है विरोध?
मध्यप्रदेश राजस्व अधिकारी (कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा) संघ ने इस मुद्दे को लेकर पहले भी राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। उस समय यह कहा गया था कि यह व्यवस्था सिर्फ 3 महीनों के लिए 12 जिलों में एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू की जाएगी, लेकिन बाद में इसे 9 और जिलों में भी लागू कर दिया गया। इसी के विरोध में संघ के जिला अध्यक्षों और प्रतिनिधियों की बैठक में 6 अगस्त से काम का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।
विरोध के तहत क्या कदम उठाए जाएंगे?
राजस्व अधिकारी जिला मुख्यालयों में मौजूद रहेंगे, लेकिन आपदा प्रबंधन के अलावा सभी कार्यों से खुद को अलग रखेंगे।
सभी अधिकारी अपने सरकारी वाहन जिलों में जमा करा देंगे और अपने डिजिटल सिग्नेचर डोंगल सील करके जिला अध्यक्ष को सौंपेंगे।
वे अपने आधिकारिक वॉट्सऐप ग्रुप भी छोड़ देंगे।
राजस्व अधिकारी संघ का कहना है कि यह विभाजन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार इस फैसले को पूरी तरह से वापस नहीं लेती। अधिकारियों की मांग है कि कार्यपालिक दंडाधिकारी की शक्तियाँ पुलिस या सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपी जाएं, ताकि राजस्व अधिकारियों को उनके मूल कार्यों से अलग न किया जाए।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

मध्यप्रदेश: बैंक ऑफ बड़ौदा ब्लैक लिस्ट... सरकारी लेनदेन पर प्रतिबंध

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
इंदौर के एमवाय अस्पताल (MYH) में भीषण गर्मी के बीच बच्चे को स्ट्रेचर पर धकेलने के वायरल वीडियो के बाद प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। सिक्योरिटी इंचार्ज बर्खास्त, डॉक्टर और नर्सों की सैलरी काटी गई।
MP Samvida Karmchari Salary Hike: मध्य प्रदेश वित्त विभाग ने संविदा कर्मचारियों के वेतन में 4.46% की वार्षिक वृद्धि का आदेश जारी किया है। इससे चपरासी, क्लर्क, उपयंत्री और प्रोग्रामर सहित 1 लाख कर्मियों की सैलरी ₹1,000 से ₹2,700 तक बढ़ जाएगी।
भोपाल के शाहपुरा इलाके में जेके अस्पताल के पीछे कलियासोत नदी में एक नवजात शिशु का शव मिलने से सनसनी फैल गई। आरोपियों ने शव को पत्थरों से बांधकर नदी में फेंका था। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
दुर्घटनाग्रस्त क्रूज के पास कोई वैध यात्री बीमा (Passenger Insurance) नहीं था। आरोप है कि क्रूज संचालक ने प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने के लिए 'मैकल रिसॉर्ट' की एक पुरानी बीमा पॉलिसी पेश की थी
मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) का बड़ा खतरा। 2 महीने में 6 बाघों की मौत के बाद किसली रेंज में एक और बाघ का असामान्य व्यवहार, मुक्की सेंटर में इलाज जारी।
प्रदेश को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए निरंतर अभिनव और नीतिगत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में विदिशा जिले से सफलता की एक ऐसी गौरवशाली गाथा सामने आई है, जिसने पूरे राज्य के सामने प्रशासनिक सूझबूझ और जनभागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
आज सबसे पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की बैठक हुई। इसके बाद कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन सभी वरिष्ठ नेता के साथ नामांकन दाखिल करने के लिए विधानसभा स्थित राज्यसभा निर्वाचन कार्यालय पहुंची और अपना नामांकन दाखिल किया।
मध्य प्रदेश के इंदौर में ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, 9 से 11 जून तक कृषि कार्य समूह की बैठकें होंगी और इसके बाद 12 से 13 जून को मुख्य कृषि मंत्रियों की बैठक का आयोजन किया जाएगा।
मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए भाजपा ने महेश केवट को उम्मीदवार बनाकर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। कभी पार्टी से निष्कासन को लेकर चर्चा में रहे महेश केवट अब भाजपा के भरोसे के साथ राज्यसभा की दौड़ में शामिल हो गए हैं। दरअसल, मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर हो रहे चुनाव के लिए शह-मात का खेल शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के टंकारिया पंथ में भागवत कथा समापन पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नारायणा और धार में भव्य श्रीकृष्ण तीर्थ बनाने और विकास कार्यों की घोषणा की।